-नए सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों का हुआ उत्साहपूर्ण स्वागत, रचनात्मकता और ऊर्जा से गूंजा परिसर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। डासना स्थित एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत उल्लास, उत्साह और उमंग से हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को एस्पेरांजा 2025 नामक भव्य नवागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें नए विद्यार्थियों का स्वागत हर्षोल्लास के वातावरण में किया गया। यह आयोजन युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और एकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों को एक ही मंच पर जोड़ दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ, जो ज्ञान, आशा और नई शुरुआत का प्रतीक है। दीप प्रज्वलन के पश्चात विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया। परिसर रंग-बिरंगी सजावट, झिलमिल रोशनी और मधुर संगीत से सुसज्जित था, जिससे माहौल उत्सवमय बन गया।
विद्यार्थियों में नई यात्रा को लेकर जोश और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुरेन्द्र नाथ तिवारी, पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण), गाज़ियाबाद ने शिरकत की। उनके साथ सम्राट मानव (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, गाजियाबाद) तथा सर्वेश कुमार पाल (थाना प्रभारी, वेव सिटी) भी उपस्थित रहे। इन गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया और अनुशासन, जिम्मेदारी तथा ईमानदारी जैसे जीवन मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शीर्ष नेतृत्व कुलाधिपति महेन्द्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष अखिल अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, प्रो-कुलाधिपति नितिन अग्रवाल, पीयूष श्रीवास्तव, विमल कुमार शर्मा, कुलपति डॉ. प्रसेनजीत कुमार तथा रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रतन की उपस्थिति ने आयोजन को और विशेष बना दिया।
अपने स्वागत भाषण में रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रतन ने नए विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और नेतृत्व कौशल के विकास का मंच है। मुख्य अतिथि श्री सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नैतिकता और मानवीय मूल्यों को जोडऩे की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के निर्माता हैं। इसलिए हर युवा को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से संवेदनशील, समर्पित और साहसी बनने का आह्वान किया। श्री सम्राट मानव और श्री सर्वेश कुमार पाल ने भी विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सत्यनिष्ठा विकसित करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त समाज का निर्माण जिम्मेदार युवाओं से ही संभव है। कुलाधिपति श्री महेन्द्र अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए नैतिकता और दृढ़ निश्चय सबसे आवश्यक गुण हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है, जो केवल ज्ञानवान ही नहीं, बल्कि ईमानदार, रचनात्मक और जिम्मेदार नागरिक भी हों। उन्होंने बताया कि एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय नवाचार, समावेश और उत्कृष्टता के सिद्धांतों पर आधारित है, और प्रत्येक विद्यार्थी को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कुलपति डॉ. प्रसेनजीत कुमार ने कहा कि एस्पेरांज़ा 2025 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत है। यह आयोजन विश्वविद्यालय के जीवंत, उत्साही और प्रेरणादायक परिसर जीवन की झलक पेश करता है। यहाँ हर विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढऩे का अवसर मिलता है। इसके बाद प्रस्तुत हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, नाटक और अभिनय के माध्यम से अपनी बहुमुखी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक और आधुनिक कला के संगम ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया।
शाम का सबसे रोमांचक क्षण रहा रैंप वॉक और प्रतिभा प्रदर्शन (टैलेंट राउंड), जिसमें नए विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास, रचनात्मकता और शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। गायन, नृत्य, मिमिक्री और भाषण जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। क्राउनिंग समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को विभिन्न आकर्षक उपाधियों जैसे मिस्टर फ्रेशर, मिस फ्रेशर, मिस्टर और मिस प्रतिभावान, मिस्टर फिटनेस लियोन, मिस फिटनेस दीवा, मिस्टर हैंडसम, मिस ब्यूटीफुल तथा मिस्टर और मिस्टर स्माइल से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए, जिससे पूरा सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय टर्बन बैंड के लाइव संगीत कार्यक्रम से हुआ। सुरों और तालों की लय पर विद्यार्थियों ने झूमकर नृत्य किया और आनंदमय वातावरण बना दिया। इस अवसर ने न केवल नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा बनाया, बल्कि दोस्ती, सहयोग और सकारात्मक सोच की भावना को भी मजबूत किया। एस्पेरांजा 2025 केवल मनोरंजन का मंच नहीं था, बल्कि यह उम्मीद, सपनों और युवाओं की असीम संभावनाओं का प्रतीक बन गया। हँसी, तालियों और संगीत से गूंजते इस समारोह ने यह साबित किया कि एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मकता, नेतृत्व और जीवन मूल्यों के विकास को भी समान महत्त्व देता है। नई उमंग और नए संकल्पों के साथ विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 की शुरुआत की है, एक ऐसी शुरुआत, जो नवाचार, उत्कृष्टता और बदलाव की दिशा में नई राहें खोलेगी।

















