- कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक
- शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्राम्य विकास पर विशेष फोकस
- जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही, जनपद की रैंक सुधारना प्राथमिकता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में सोमवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आहूत हुई। बैठक में जिले के लगभग सभी विभागों से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान विभागवार योजनाओं की प्रगति का बारीकी से आंकलन किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी सरकारी योजना का हकदार है, उसे किसी भी हालत में वंचित न रहने दिया जाए। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति योजनाओं से कोई भी पात्र छात्र वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में कैंप लगाकर योजनाओं की जानकारी दी जाए और छात्रों को पंजीकृत किया जाए। कृषि विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को फसल बीमा, पीएम किसान निधि और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देकर लाभ पहुंचाया जाए।
साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी माँदड़ ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले सैकड़ों मरीजों को किसी भी स्थिति में भटकना न पड़े। हर बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एम्बुलेंस में सभी जरूरी उपकरण और विशेषज्ञ मौजूद हों, ताकि दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में मरीज का शोषण या उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आवेदन को निरस्त करने से पहले पूरी जांच जरूरी है। यदि आवेदक से कोई कमी रह गई है तो उसे पूरा करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही सीधे जिला स्तरीय अधिकारी की होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो और निस्तारण के बाद आवेदक से फीडबैक जरूर लिया जाए।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जनपद की रैंक किसी भी हालत में खराब नहीं आनी चाहिए। शिकायत या आवेदन आते ही तत्काल कार्यवाही शुरू होनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य जनता को त्वरित और पारदर्शी सेवा प्रदान करना है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीएम एल/ए, सीएमओ, डीडीओ, डीएसटीओ सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
















