- राजनीतिक भागीदारी, समाज की एकजुटता और सशक्तिकरण पर हुई ऐतिहासिक चर्चा
- 35 करोड़ की ताकत रखने वाला समाज राजनीति में क्यों है उपेक्षित: पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल
- अब जागो और अपनी शक्ति पहचानो-मंच से नेताओं का वैश्य समाज को संदेश
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। अंतरराष्ट्रीय वैश्य संगठन के तत्वावधान में आयोजित विराट वैश्य महासम्मेलन रविवार को इतिहास रच गया। देशभर से आए हजारों वैश्य बंधुओं ने न केवल समाज की एकजुटता का परिचय दिया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि समय आने पर वैश्य समाज किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं हटेगा। सम्मेलन में उमड़ी भीड़ और नेताओं के बयानों ने यह संदेश दिया कि अब वैश्य समाज अपनी ताकत को पहचान चुका है और आने वाले समय में राजनीति से लेकर सामाजिक क्षेत्र तक अपनी भागीदारी दर्ज कराएगा। सम्मेलन में मंच साझा करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज ने हमेशा देने का काम किया है। हमारी आबादी 35 करोड़ से अधिक है, लेकिन राजनीति में हिस्सेदारी के मामले में हम उपेक्षित रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा जैसे शहरों में वैश्य समाज की जनसंख्या सर्वाधिक है, फिर भी राजनीति में हमारी भागीदारी नहीं के बराबर है। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी ताकत का एहसास कराएं और समाज के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।
दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन विकास गुप्ता ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्य समाज बहुत पिछड़ा हुआ है, क्योंकि हमने अपनी शक्ति को पहचानने में देर कर दी। यदि समाज को बचाना है और उसे राजनीतिक चेतना से लैस करना है तो हमें एकजुट होकर खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज का व्यापारी वर्ग हमेशा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता आया है, लेकिन राजनीतिक हाशिए पर होना चिंता का विषय है। महासम्मेलन में मंच से कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को आज सबसे अधिक जरूरत राजनीतिक भागीदारी की है। इसके साथ ही वैश्य युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। विवाह में अनावश्यक खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति को खत्म करना होगा।
पंच परमेश्वर पंचायत के जरिए समाज के भीतर के विवादों को निपटाने का संकल्प लिया गया। इसके अलावा जरूरतमंद छात्रों की पढ़ाई में सहयोग देने, व्यापारी टास्क फोर्स बनाने और समाज के हर वर्ग तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने पर भी विचार किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल, पूर्व मंत्री नितिन गुप्ता समेत अंतरराष्ट्रीय संगठन के अध्यक्ष विनय अग्रवाल, उपाध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, सुधीर पौरवाल, महेश बाबू गुप्ता, जय वैश्य समाज अध्यक्ष राजीव पौरवाल, एडवोकेट कुणाल गर्ग और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। मंच से दिए गए सभी संदेशों का सार यही रहा कि अब समय आ गया है जब वैश्य समाज को एकजुट होकर अपनी ताकत साबित करनी होगी।
सम्मेलन में मोदीनगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, दिल्ली, सोनीपत, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भारी संख्या में लोग पहुंचे। हजारों की भीड़ ने यह दिखा दिया कि समाज को अगर दिशा और नेतृत्व मिले तो वह किसी भी आंदोलन को नया आयाम दे सकता है। नोएडा का यह विराट वैश्य महासम्मेलन न सिर्फ एक आयोजन रहा बल्कि समाज की शक्ति, जागरूकता और संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। नेताओं और वक्ताओं की गूंज ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब वैश्य समाज खामोश नहीं बैठेगा। आने वाले समय में राजनीति हो या समाज, वैश्य समाज अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएगा और अपनी उपेक्षा को स्वीकार नहीं करेगा।

















