-मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता योजना की प्रगति पर सख्त हुए डीएम, रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी निगरानी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान के तहत जिले को मिले 2000 के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का संकल्प लिया है। इस दिशा में दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में बुधवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें जिले के सभी विभागीय अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और संबंधित इकाइयाँ मौजूद रहीं। बैठक में योजनाओं की समीक्षा के साथ, बैंकों के साख-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) को लेकर भी गहन मंथन किया गया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रचार-प्रसार तेज किया जाए, हर पंचायत, वार्ड और मोहल्ले तक योजना की जानकारी पहुँचाई जाए। लोगों को योजनाओं के लाभों के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग और नगरीय निकाय अधिकारी बैंकों से समन्वय बनाकर शिविरों के माध्यम से लक्ष्य पूर्ति के लिए ठोस कदम उठाएं। कोई भी विभाग यह न समझे कि वह अकेला है यह सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने बताया किया कि योजना की रोजाना समीक्षा की जाएगी और संबंधित विभागों को हर शाम 6:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। बैठक में फैमिली आईडी योजना सहित अन्य योजनाओं की भी समांतर समीक्षा की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बैंकों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को लेकर बैंकों का सकारात्मक रवैया आवश्यक है।
कोई भी आवेदन तकनीकी त्रुटि के कारण अस्वीकार न हो बैंकों को खुद आवेदकों की त्रुटियाँ ठीक करानी होंगी। बैठक में आईएएस प्रशिक्षु अयान जैन, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, अग्रणी जिला प्रबंधक बुद्ध राम, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, सभी बैंक प्रतिनिधि और समन्वयक उपस्थित रहे।
साख-जमा अनुपात 60 प्रतिश से नीचे? अब बनेगी बैंकवार रणनीति
साख-जमा अनुपात की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई बैंकों का सीडी रेश्यो 60 प्रतिशत से नीचे है, जो चिंताजनक है। डीएम ने एलडीएम को निर्देशित किया कि ऐसे बैंकों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई जाए और उनके तर्कों के साथ डेटा संकलित कर रिपोर्ट तैयार की जाए।
जिले में होगा नवाचार व लक्ष्य की सिद्धि का संगम
इस अहम बैठक ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि गाजियाबाद प्रशासन अब सिर्फ योजनाओं की संख्या नहीं, उनकी गुणवत्ता, पहुंच और प्रभाव पर काम करेगा। जिलाधिकारी दीपक मीणा की यह सख्ती और दूरदर्शिता, जिले के युवाओं और उद्यमियों के लिए नई ऊर्जा और संभावनाओं का संकेत है।
















