-यमुना प्राधिकरण की बुधवार को हुई 85वीं बोर्ड बैठक में 54 प्रस्ताव पर मुहर लगी
-यमुना प्राधिकरण पूरे क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएगा, फायर स्टेशन बनेंगे
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की बुधवार को हुई 85वीं बोर्ड बैठक में 54 प्रस्ताव पर मुहर लगी। प्राधिकरण ने गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना का ऐलान किया है। प्राधिकरण क्षेत्र में दो नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे। प्राधिकरण पूरे क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएगा। बैठक में आबादी नियमावली में बदलाव और किसानों के घेर का लीज बैक करने पर मुहर लग गई।
यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक चेयरमैन आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर 18 और सेक्टर 20 में 30,000 प्लॉट की योजना लाई जाएगी। पहले चरण में 4288 प्लॉट की स्कीम निकाली जाएगी। इस योजना में केवल 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग ही आवेदन कर सकेंगे। प्लॉट का आकार 30 मीटर का होगा और एयरपोर्ट के पास होने के बावजूद कम कीमत में उपलब्ध होगा। प्राधिकरण क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हेल्थ एंड चाइल्ड वेलफेयर इंस्टिट्यूट बनाए जाएंगे। जिसमें चैरिटेबल ट्रस्ट अप्लाई कर सकते हैं। वहां पर 30 बेड तक हॉस्पिटल बनाया जा सकेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि दो नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे। ये सेक्टर-32 और सेक्टर-18 में स्थापित किए जाएंगे।
एक हजार वर्ग मीटर में थाने बनेंगे
बैठक में बताया गया कि यमुना प्राधिकरण को उत्तर प्रदेश सरकार से 150 इलेक्ट्रिक बसें भी मिलेंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यीडा क्षेत्र में 500 वातानुकूलित ईबसों को जीसीसी मोड पर संचालन किये जाने का अनुमोदन बोर्ड द्वारा दिया गया है। बैठक में जेवर में बन रहे जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकास को लेकर कई बड़े फैसले किए गए हैं। यीडा की बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंतर्गत 1000 वर्गमीटर में पुलिस थाने की स्थापना की जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र 6 जिलों गौतमबुद्ध नगर, बुलन्दशहर, अलीगढ, हाथरस मथुरा एवं आगरा के 1149 राजस्व ग्रामों में विस्तारित है। जनपद गौतमबुद्ध नगर व बुलन्दशहर महायोजना 2041 के अन्तर्गत आता है। जबकि अन्य चारों जिले प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में फेज-2 क्षेत्र कहलाते हैं। जिसमें प्रत्येक जनपद के अन्तर्गत एक अर्बन सेन्टर प्रास्तावित है। अर्बन सेंटर के बाहर पडने वाले कृषि भूउपयोग व ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में विभिन्न आवश्यक कियाओं के विकास हेतु महायोजना-2031 फेज-2 तैयार की गयी है।
इलेक्ट्रोनिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित होगा
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 10 में भारत सरकार के इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने इलेक्ट्रोनिक्स विनिर्माण क्लस्टर का अनुमोदन प्रदान किया है। इस परियोजना पर आने वाले खर्च में से करीब 144,48 करोड़ का भुगतान भारत सरकार से किया जायेगा। यीडा द्वारा इस परियोजना के अवस्थापना विकास पर करीब 341 करोड रूपये का व्यय किया जायेगा। इ सके लिए प्राधिकरण ने 200 एकड़ भूमि चयनित की गयी है। यीडा द्वारा ईएमसी पार्क में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ सुविधायें जैसे रेडी बिल्ट फैक्टरी, कन्वेंशन सेंटर, हॉस्टल, व्यवसायिक केन्द्र, कौशल विकास केन्द्र आदि की स्थापना भी की जायेगी। इसके लिए मै० हैवल्स इण्डिया लि. का 50 एकड भूमि का आवंटन भी कर दिया गया है।
मदर डेयरी खोलेगी बूथ
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-18 व सैक्टर-32 में 7485 वर्गमीटर के दो भूखण्डों में अग्नि शमन केंद्र की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण ने मै० मदर डेयरी फूट एण्ड वेजीटेबिल प्रा. लि. के पक्ष में सैक्टर-18 और 20 में 21 भूखण्डों का आवंटन पूर्व में किया गया था। यह सभी बूथ 200 वर्गमीटर के स्थान पर 100 वर्गमीटर के होंगे तथा प्राधिकरण के सेक्टर-18 व 20 के आवासीय पॉकेटों की आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे।
अप्रैल में नौ फैक्ट्री का निर्माण शुरू
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सैक्टर-29 में बन रहे अपैरल पार्क के अन्तर्गत नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के 82 सदस्यों को भूखण्डों का आवंटन किया गया है। यहां पर विकास कार्यों की समीक्षा की गयी। इन 82 आवंटियों में से 65 को लीज प्लान जारी किया जा चुका है जिनमें से 61 द्वारा लीज डीज संपादित करवा दी गयी है तथा 43 आवटियों द्वारा कब्जा प्रमाण पत्र भी प्राप्त करा दिया गया है।16 आवंटियों द्वारा तलपट मानचित्र अनुमोदित करवा लिया गया है तथा 7 आवंटियों द्वारा स्थल पर फैक्टरी निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उक्त के अतिरिक्त भूखण्ड उसी सेक्टर में शिफ्ट कर हस्तांतरित किये गये।
6879 आवंटियों की रजिस्ट्रिी हुई
प्राधिकरण क्षेत्र में लीगेसी स्टॉल्ड रियल स्टेट प्रोजेक्टस के अन्तर्गत 07 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं आच्छादित हैं जिनमें बिल्डर द्वारा नेट ड्यूज की 25 प्रतिशत धनराशि जमा करवा दी गयी है। 25 प्रतिशत के सापेक्ष जमा करवायी गयी धनराशि 407.90 करोड़ की है। अगले 1 वर्ष में इससे प्राधिकरण की सभावित आय रुपये 621 करोड की होगी। इन परियोजनाओं में अभी तक 6879 सब-आवंटियों द्वारा रजिस्ट्रियां करवायीं गयीं जिनमें से फरवरी 2024 से मार्च 2025 तक 800 रजिस्ट्रियां करवायीं गयीं हैं।
एकमुश्त समाधान योजना पहली जुलाई से
यमुना प्राधिकरण द्वारा पूर्व में आवंटियों की सुविधा हेतु एकमुश्त समाधान योजना 6 बार लायी गयी थी जिससे प्राधिकरण को रूपये 551.55 करोड़ की आय प्राप्त हुयी थी। वर्तमान में अभी भी करीब 7917 आवंटी डिफॉल्टर हैं तथा जिन पर लगभग 4948 करोड़ की धनराशि बकाया है। ऐसे में अधिकांश आवंटी अतिरिक्त प्रतिकर व प्रीमियम की धनराशि दिये जाने के इच्छुक हैं तथा ओटीएस की योजना से उनको भी लाभा होगा तथा प्राधिकरण को डिफॉल्ट धनराशि की प्राप्ति होगी। अत: जनहित में प्राधिकरण द्वारा पुन: एकमुश्त समाधान योजना 01.07.2025 से 31.08.2025 तक की अवधि हेतु लाये जाने का निर्णय लिया गया है।
बिजली उपकेंद्र बनाने का फैसला
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का सैक्टर-10 इलैक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सैक्टर-32 में वर्तमान में संचालित 220/132/33 केवी विद्युत उपकेन्द्र बने हैं। इसी उपकेन्द्र से जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट को भी विद्युत आपूर्ति की जा रही है। सैक्टर-29, 32 एवं 33 में 192 मेगावाट का विद्युत भार आकलित किया गया है। इसके अतिरिक्त जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के विस्थापितों हेतु निर्मित की गयी आर एण्ड आर कोलोनी हेतु इसी विद्युत उपकेंद्र से तथा रबूपुरा स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र से आपूर्ति की जा रही है। सेक्टर-10 में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र की आवश्यकता संभावित है। उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत सैक्टर-10 में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र हेतु 2.0 हैक्टेयर भूमि को आरक्षित एवं नियोजित किये जाने एवं भविष्य में आवश्यकता के दृष्टिगत उक्त 132/33 केवी विद्युत उपकेन्द्र एवं तत्संबंधी डबल सर्किट पारेषण लाइन का निर्माण यूपीपीटीसीएल विभाग से कराने का निर्णय लिया गया।
पैसा जमा नहीं किया तो रद्द होगा आवंटन
प्राधिकरण द्वारा सेक्टर 16, 17, 18, 20 व 22डी में 60 वर्ग मीटर से 4000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के लगभग 28900 भूखण्डों का आवंटन किया गया है। बोर्ड द्वारा सुपरटेक लि. द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव लेगेसी स्टाल्ड पॉलिसी के 25 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत धनराशि जमा करने के प्रस्ताद को अस्वीकृत किया गया। मै० ग्रीनबे इनफाट्रक्चर प्रा. लि. के भूखण्ड संख्या टी.एस.-06, सैक्टर-22डी के प्रस्ताव पर पाया गया कि पूर्व में प्राधिकरण बोर्ड द्वारा दिये गये 03 माह के अतिरिक्त समय विस्तरण के बाद भी प्रथम देय किस्त अभी तक जमा नहीं करवाई गयी है तथा दूसरी किस्त भी देय है। प्राधिकरण बोर्ड द्वारा निर्णय लिया गया कि मै० ग्रीनबे इनफाट्रक्चर प्रा. लि. द्वारा 30 जून 2025 तक अवशेष धनराशि रु 117. 73 करोड प्राधिकरण पक्ष में जमा ना कराये जाने की स्थिति में भूखण्ड निरस्त कर दिया जाये।


















