• शराब माफिया का सफाया करने के लिए जिले में शुरु आबकारी विभाग का युद्ध
• सुबोध कुमार श्रीवास्तव की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से हिला शराब माफिया
• अवैध धंधे पर कसा गया शिकंजा, तस्करों में दहशत का माहौल
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के खिलाफ ऐसा प्रचंड अभियान शायद ही कभी चला हो। आबकारी विभाग ने जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में पूरे जनपद को अवैध शराब के नासूर से मुक्त कराने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्होंने उसे जमीन पर उतार दिया है। अब पूरे जनपद में शराब माफिया की सांसें थमी हुई हैं, क्योंकि एक-एक ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश और पकड़-धकड़ से उनके पैर उखड़ चुके हैं। जिले में अवैध शराब के साम्राज्य को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए आबकारी विभाग की टीम अपनी फौज के साथ मैदान में उतर चुकी है। यह मुहिम कोई एक या दो दिन की नहीं बल्कि अब लगातार चलेगी। जिससे जनपदवासी अवैध शराब के चंगुल से मुक्त होकर स्वच्छ वातावरण में सांस ले सकें। अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, डॉ. शिखा ठाकुर, गौरव चंद, रवि जायसवाल, अभिनव शाही, नामवर सिंह और चंद्रशेखर सिंह अपनी टीमों के साथ युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं। जिले के सबसे संवेदनशील और तस्करी के कुख्यात माने जाने वाले गांवों में एक-एक घर की तलाशी ली जा रही है। बंद मकानों, सुनसान खेतों, झोपडिय़ों से लेकर हाईवे किनारे बने ढाबों तक को खंगाला जा रहा है। लगातार चल रही इस कार्रवाई से तस्करों में भय का माहौल है। कई तस्कर या तो फरार हो चुके हैं या अपनी दुकान समेट चुके हैं। विभाग की कार्रवाई ने तस्करी के नेटवर्क को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। अब हर कोना सुरक्षित किया जा रहा है, जहां तस्करों ने कभी पैर जमाए थे।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव निभा रहे ‘फील्ड कमांडर’ की भूमिका
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव केवल एक अफसर नहीं, बल्कि जिले की अवैध शराब के खिलाफ जंग के सेनापति बनकर सामने आए हैं। उन्होंने प्रशासनिक कुशलता, नेतृत्व क्षमता और ज़मीन पर उतरकर कार्रवाई करने के जज़्बे से यह दिखा दिया है कि अगर एक अधिकारी चाहे तो कैसे पूरे सिस्टम को एक्टिव मोड में ला सकता है। वह खुद हर चेकिंग पॉइंट पर न केवल मौजूद रहते हैं, बल्कि मौके पर मुआयना कर अपनी टीम को दिशा निर्देश भी दे रहे हैं। उनकी सख्त निगरानी और रणनीति के कारण ही आज पूरे जिले में शराब माफिया की रीढ़ टूट चुकी है।
संदिग्ध वाहनों पर शिकंजा, दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सील
दिल्ली, हरियाणा और अन्य सीमावर्ती इलाकों से आने वाले सभी वाहनों की कड़ी चेकिंग की जा रही है। खासतौर पर रात के समय चलने वाले भारी वाहनों, कंटेनरों और पिकअप वैन को रोका जा रहा है और स्कैनिंग के जरिए अंदर छिपी शराब की तलाश की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों और स्थानीय सड़कों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
आबकारी विभाग के अभियान में जनता निभा रही अहम भूमिका
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध श्रीवास्तव ने केवल अपनी टीम पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि आम जनता को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया है। उन्होंने ढाबा संचालकों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस पवित्र अभियान में साथ आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें। हर सूचना पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जा रही है।
आबकारी विभाग का अभियान बनेगा रोल मॉडल
गौतमबुद्ध नगर में चल रही यह मुहिम न केवल एक स्थानीय अभियान है, बल्कि यह प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकता है कि कैसे प्रशासनिक इच्छाशक्ति और समर्पित टीमवर्क से किसी भी संगठित अवैध कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सकता है। जिसके लिए जिले की टीम अपनी अहम भूमिका निभा रही है।

जिला आबकारी अधिकारी
हमने यह ठाना है कि गौतमबुद्ध नगर को अवैध शराब से पूरी तरह मुक्त कर स्वस्थ और सुरक्षित समाज देंगे। यह केवल कानून की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और भविष्य की लड़ाई है। मेरी टीम पूरी निष्ठा और दमखम के साथ काम कर रही है। तस्करों के लिए अब इस जनपद में कोई जगह नहीं है। गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे इस अभियान ने साफ कर दिया है कि अब कानून के खिलाफ काम करने वालों के लिए ‘नो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा चुकी है। यह सख्ती न केवल माफियाओं को खत्म करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों को जन्म लेने से पहले ही खत्म कर देगी।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर

















