-पुलिस और आबकारी टीम ने सस्ते दाम पर शराब बेचने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार किए
-जनपद में कानून का सख्त प्रहार, आबकारी विभाग की सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई से अवैध शराब के किले को किया गया तहस-नहस
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार की रात को दिल्ली से ग्रेटर नोएडा तक अवैध शराब की तस्करी करने वाले तीन शातिर तस्करों को पकडऩे में विभाग ने अहम भूमिका निभाई। पकड़ी गई शराब की मात्रा और कार्रवाई की त्वरितता से यह स्पष्ट हो गया है कि आबकारी विभाग कानून और नियमों के पालन को गंभीरता से लागू कर रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी, टावर डी-2 के फ्लैट नंबर 1704 में अवैध शराब रखी हुई है। सूचना के आधार पर आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही की टीम और थाना बिसरख की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने छापेमारी करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें शामिल थे मोहम्मद असरार अली निवासी जनपद अयोध्या, विशेष मालिक जनपद शामली और विनायक सिंह जनपद भरतपुर, राजस्थान। आरोपियों के कब्जे से कुल 21 पेटी बीयर बरामद की गई, जो कि 504 कैन की थी और कीमत लगभग 70 हजार रुपये बताई जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि फ्लैट में शराब रखने वाला विशेष मलिक इस जगह पर किराए पर रहता था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली से शराब पिक-अप वाहन में लेकर आते थे और ग्रेटर नोएडा में इसे सस्ते दामों पर जान-पहचान वालों को बेचकर मुनाफा कमाते थे। आरोपी शादी और पार्टियों में बची हुई बीयर को भी इसी तरीके से एकत्रित करते थे। आबकारी विभाग और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई दर्शाती है कि कानून का पालन करवाने के लिए अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हैं। जनता को भी यह संदेश जाता है कि अवैध गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। विभाग ने तेजी और सतर्कता के साथ कार्रवाई करके अवैध शराब के किले को तोड़ दिया है। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है बल्कि समाज के लिए सुरक्षा और जागरूकता का प्रतीक भी है। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल एक तस्कर गिरोह नहीं था, बल्कि वे लंबे समय से अवैध शराब को चोरी-छिपे जिले में बेचते आए थे। उनकी रणनीति थी कि शादी और पार्टी के दौरान बची शराब को एकत्रित करके इसे दिल्ली से ग्रेटर नोएडा तक पिक-अप वाहन में लाया जाए।
विभाग ने इस पूरे गिरोह को त्वरित और सटीक सूचना के आधार पर धर दबोचा। आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी और निगरानी की पूरी प्रक्रिया में उत्कृष्टता दिखाई। जिले में अवैध शराब पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए विभाग लगातार 24 घंटे अलर्ट मोड़ पर कार्यरत है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जो भी व्यक्ति अवैध शराब की तस्करी में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने उच्च सतर्कता और रणनीतिक योजना के तहत यह कार्रवाई की। इसका उद्देश्य न केवल अवैध शराब की बिक्री रोकना है, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित और जागरूक रखना भी है। हमारी कोशिश है कि अवैध शराब का कोई बाजार जिले में टिक न पाए। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को कड़ा संदेश देने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
टीम के प्रयासों और अधिकारियों की सतर्कता के चलते ही यह तस्कर गिरोह दबोचा गया और अवैध शराब की बड़ी खेप को बरामद किया गया। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय नागरिकों ने भी विभाग की तारीफ की और कहा कि ‘ऐसी कार्रवाई से समाज में सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास बढ़ता है। आबकारी विभाग की टीम लगातार सतर्क है और अवैध शराब की तस्करी पर पूरी तरह नजर रखती है। यह कार्रवाई प्रेरणादायक है और अन्य क्षेत्रों में भी इसे जारी रखना चाहिए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से नहीं बच पाएगा।
















