आबकारी विभाग का तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन, जिले में अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रहार

-त्योहारी सीजन के बाद भी नहीं थमी कार्रवाई, दिन-रात चेकिंग से मचा हड़कंप
-आबकारी विभाग की चेकिंग और दबिश मेंं तीन तस्कर गिरफ्तार, हरियाणा और यूपी मार्का शराब बरामद
-लाइसेंसी दुकानों पर भी सख्ती, छापेमारी और गुप्त टेस्ट परचेजिंग जारी
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद भी जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्यवाही थमी नहीं है, बल्कि और अधिक तेज हो गई है। हर दिन नई चुनौतियों के बीच शराब तस्करों का जिले से सफाया करने के लिए आबकारी विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही हैं। शराब की दुकानों के खुलने से लेकर बंद होने के बाद तक आबकारी विभाग का सख्त पहरा जिले में बना हुआ है। आबकारी विभाग न केवल अपनी टीमों के माध्यम से, बल्कि मजबूत मुखबिर तंत्र के सहारे भी जिले के हर संवेदनशील क्षेत्र पर पैनी नजर रखे हुए है। इसका परिणाम यह है कि लगातार तस्करों की धरपकड़ हो रही है और अवैध शराब की सप्लाई चेन को तोड़ा जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बीती देर रात आबकारी निरीक्षक डॉ. शिखा ठाकुर और थाना फेज-2 पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एनएसईजेड पुस्ता रोड पर बिजली घर के पास से शराब तस्कर स्नुव्वर पुत्र जहांगीर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से हरियाणा मार्का इम्पैक्ट ग्रीन व्हिस्की के 48 पौव्वे बरामद किए गए।
इसी क्रम में आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी की टीम ने थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के टी-ब्लॉक सेक्टर-53 के पास दबिश देकर सनोज कुमार पुत्र जयकरन को गिरफ्तार किया। उसके पास से दोस्ताना ब्रांड की 40 पौवा देशी शराब (यूपी मार्का) बरामद हुई। इसके अलावा आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना दनकौर पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान शराब तस्कर छोटन मंडल पुत्र नीरापद मंडल को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 25 पौवा शिल्पा ब्रांड की देशी शराब (यूपी मार्का) बरामद की गई। पकड़े गए सभी तस्करों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग की प्राथमिकता केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसके साथ ही जिले में लाइसेंसी शराब की दुकानों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। आबकारी विभाग की टीमें नियमित रूप से छापेमारी कर रही हैं और गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग भी कराई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी ओवररेटिंग, मिलावट या नियमों का उल्लंघन न हो।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आबकारी विभाग का उद्देश्य जिले में सुरक्षित, वैध और नियंत्रित शराब बिक्री सुनिश्चित करना है, ताकि राजस्व की हानि रोकी जा सके और समाज को अवैध शराब से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।