-हरियाणा से हो रही तस्करी का भंडाफोड़, 63 लीटर अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की धरपकड़ शुरू
-अब नहीं पनपने देंगे नशे का जहर, गाजियाबाद को बनाएंगे नशा मुक्त मॉडल जिला: संजय कुमार प्रथम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के हृदय स्थल में जबरदस्त कार्रवाई के साथ आबकारी विभाग ने अवैध शराब के धंधेबाजों को गहरी चोट दी है। यह कोई सामान्य छापा नहीं था, बल्कि नशे के विरुद्ध प्रशासन की निर्णायक चेतावनी थी अब चाहे कोई भी हो, गाजियाबाद में नशे का कारोबार नहीं पनपेगा। गुरुवार रात की कार्रवाई में ग्राम नवादा स्थित हर्ष विहार कॉलोनी में आबकारी विभाग की टीम ने हरियाणा से लाई गई देशी शराब की 63 लीटर की खेप जब्त की। यह कार्रवाई जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में की गई, जिनके सख्त निर्देशों पर निरीक्षक अनुज वर्मा ने गोपनीय सूचना के आधार पर घेराबंदी की। टीम ने एक युवक को रंगे हाथों शराब बेचते हुए पकड़ा, जिसकी पहचान रामू पुत्र राधाकृष्ण (निवासी गल्लराई, जनपद लखीमपुर खीरी) के रूप में हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह हर पव्वे पर 5 रुपये कमीशन पर तस्करी की शराब बेचता था। उसके पास से 360 पव्वे (कुल 63 लीटर शराब) बरामद किए गए।
जब रामू की तलाशी ली गई, तो उसके पास से मिली एक रहस्यमयी चाबी ने मामले को गहराई में धकेल दिया। टीम ने क्षेत्र में ताले लगे मकानों की पड़ताल शुरू की और अंतत: उसी चाबी से एक गोदाम का ताला खुला जहां अवैध शराब का बड़ा जखीरा छुपा हुआ मिला। ये वही स्थान था, जहाँ तस्कर प्रदीप बंसल (निवासी रामपार्क, लोनी) अवैध शराब की खेप जमा करता था।प्रदीप बंसल के फरार होने के बाद उसके विरुद्ध सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि बंसल पूरे नेटवर्क का सरगना है, और उसके तार दिल्ली-हरियाणा सीमा से भी जुड़े हो सकते हैं। विभाग अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान की रूपरेखा बना चुका है। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि यह केवल एक कार्रवाई नहीं, एक संदेश है। गाजियाबाद में अब नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं। हम हर गली, हर गोदाम, हर मुखौटे को बेनकाब करेंगे।
मोबाइल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और व्हाट्सएप चैट की जाँच भी प्रारंभ
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार रामू के मोबाइल से तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों के नंबर, गोदामों की लोकेशन और वितरण के समय-स्थान की जानकारी भी मिली है। विभाग ने साइबर टीम के सहयोग से चैट इतिहास और कॉल रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हरियाणा से दिल्ली के रास्ते गाजियाबाद तक अवैध शराब का धंधा
हरियाणा से सस्ती शराब लाकर उत्तर प्रदेश में महंगे दामों पर बेचना एक सुनियोजित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। ये शराब न केवल कानून का उल्लंघन करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जानलेवा होती है। फरार माफिया हरियाणा की शराब को दिल्ली के रास्ते गाजियाबाद में उतार कर अवैध शराब के साम्राज्य को खड़ा करने की योजना बना रहा, मगर आबकारी विभाग की टीम ने उसके साम्राज्य को पहले ही नष्ट कर दिया।
अब नहीं बख्शे जाएंगे सौदागर, चाहे कोई भी हो
प्रशासन ने क्षेत्रीय पुलिस और खुफिया विभागों को निर्देश दिए हैं कि वो अवैध शराब के संदेह पर तुरंत छापेमारी करें, और इस पूरे नेटवर्क की जड़ से सफाई करें। यह केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक व्यवस्था के पुनर्गठन की शुरुआत है। नशे से लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर गाजियाबाद को एक स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारी नगर बनाएं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। हर अवैध तस्कर, गोदाम और आपूर्ति श्रृंखला पर हमारी कड़ी निगाह है। जो भी इस गोरखधंधे में संलिप्त है, उसे कानून का कठोरतम दंड मिलेगा। हमारी टीमें सतर्क हैं, और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक जनपद को पूर्णत: नशामुक्त न बना दें।

















