-नए आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा ने आते ही दिखाई सख्ती, सुबोध कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में रात की छापेमारी में पकड़ा गया तस्कर, विभाग का अभियान जारी
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। अवैध शराब के खिलाफ चल रही मुहिम में आबकारी विभाग गौतमबुद्ध नगर ने अब अपना शिकंजा और कसना शुरू कर दिया है। नए आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा ने जिले में पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया है कि अब शराब माफियाओं को चैन से काम नहीं करने दिया जाएगा। सुबोध कुमार श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में विभाग की टीम ने जिस तरह से सक्रियता दिखाई है, उससे न केवल तस्करों में दहशत है बल्कि जनपद की जनता भी राहत की सांस ले रही है। हाल ही में गाजियाबाद से ट्रांसफर होकर गौतमबुद्ध नगर के क्षेत्र-5 में तैनात हुए निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा ने आते ही अपनी सक्रियता और पैनी नजर से शराब तस्करों को सीधी चुनौती दे दी है। नए निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा की सक्रियता और सुबोध कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में चल रहे इस ऑपरेशन को देखकर साफ है कि शराब के काले कारोबार का अब जनपद में कोई भविष्य नहीं।
सोमवार देर रात आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा ने थाना सूरजपुर पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के तहत समीर पुत्र दरीब नामक एक व्यक्ति को अवैध देशी शराब की तस्करी करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से यूपी मार्का चेतक ब्रांड की 25 पव्वा देशी शराब बरामद की गई। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की यह सख्ती आम नागरिकों के हित में साबित हो रही है। न केवल शराब माफियाओं पर अंकुश लगा है बल्कि युवाओं और समाज को बर्बादी के गर्त में ढकेलने वाले तस्करों पर अब शिकंजा कस चुका है।
कड़ी निगरानी, सघन जांच और सख्त निर्देश
दूसरी ओर, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने यह साफ कर दिया है कि विभाग की निगरानी में अब कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध तस्करी को पूरी तरह खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। जो भी कानून तोड़ेगा, उसे जेल भेजा जाएगा। इसी क्रम में जिले में संचालित देशी शराब, कंपोजिट शॉप और मॉडल शॉप का गहन निरीक्षण भी किया गया। दुकानों पर स्टॉक की जांच, एमआरपी पर बिक्री की पुष्टि, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की स्थिति, पॉश मशीन से 100 प्रतिशत बिक्री, सभी पहलुओं को विभाग बारीकी से परख रहा है।
‘टेस्ट परचेजिंग’ से भी पकड़ी जा रही गड़बडिय़ां
शराब दुकानों पर गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग भी कराई जा रही है ताकि ओवररेटिंग या किसी भी प्रकार की अनियमितता को मौके पर ही पकड़ा जा सके। आबकारी विभाग ने लाइसेंसधारी दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि कोई बार-बार या बड़ी मात्रा में शराब खरीदने वाला संदिग्ध ग्राहक आता है तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग का कहना है कि इस सतर्कता से अवैध पुनर्विक्रय और दुरुपयोग को रोका जा सकता है।
अब प्लान में माफियाओं की रीढ़ तोडऩा
शराब माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। नकली शराब, अंतरजनपदीय तस्करी और थोक स्तर पर अवैध भंडारण जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

















