• शराब पर ओवर रेटिंग रोकने लिए आबकारी अधिकारी ने बनाई नई रणनीति
• सिपाही, मुखबिर तंत्र के साथ आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर भी शराब पर ओवर रेटिंग को रोकने के लिए करेंगे जांच पड़ताल
• शराब पर ओवर रेटिंग के तिलिस्म को तोडऩे में कारगर साबित होगी आबकारी विभाग की मुहिम
उदय भूमि
गाजियाबाद। जनपद को अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा चलाई जा मुहिम अब एक ओर नई मुहिम की शुरुआत हो गई है। यह मुहिम शराब तस्करों के साथ शराब विक्रेताओं के खिलाफ विशेष रूप से तैयार की गई है। जिसकी बानगी शुक्रवार रात को जिले में देखने को मिली है। गौरतलब हो कि जनपद में पिछले कुछ समय से शराब विक्रेताओं की करतूतों से जिले में आबकारी विभाग की छवि काफी धूमिल हो रही है। शराब विक्रेता 5, 10 रुपये के लालच में किसी भी विक्रेता से चाय पानी के नाम खर्चा मांगने से नहीं चूक रहे है। उनका यह लालच आबकारी विभाग के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन चुका है। जबकि आबकारी विभाग की टीम दिन रात शराब तस्करों पर कार्रवाई करने के साथ दुकानों की निगरानी भी कर रही है। इसी निगरानी के बीच में मौका पाकर शराब विक्रेता अपने अवैध कार्यों को अंजाम देते है। मगर जिले में शराब पर ओवर रेटिंग को रोकने के लिए आबकारी अधिकारी ने एक नई मुहिम की शुरुआत की है।
जिसमें आबकारी विभाग के मुखबिर तंत्र तो शामिल है ही, साथ ही इसमें अब आबकारी इंस्पेक्टरों की भूमिका भी सबसे अहम होगी। अभी तक जिले में शराब विक्रेताओं पर निगरानी के लिए सिर्फ आबकारी विभाग के मुखबिर तंत्र और उनके सिपाही ही गुप्त टेस्ट परचेजिंग करते हुए दिखाई देते थे। लेकिन अब उनके साथ आबकारी इंस्पेक्टरों ने भी अपना कदम बढ़ाया है। जिस तरह से अभी तक अन्य राज्यों में बडे अधिकारी शराब की दुकानों पर पहुंच कर विक्रेताओं के कार्यों की जांच करते नजर आते थे, ठीक उसी तरह से अब गाजियाबाद में भी इसकी शुरुआत शुक्रवार रात को विजय नगर क्षेत्र में देखने को मिली। शराब की दुकानों में चल रहे ओवर रेटिंग की जांच पड़ताल के लिए आबकारी निरीक्षक खुद ग्राहक बनकर अचानक शराब की दुकान पर पहुंचे। ग्राहक के रूप में दुकान पर पहुंचे इंस्पेक्टर ने पहचान छिपाकर ओवर रेटिंग की समस्या का खुद अनुभव किया।
यह जांच पड़ताल किसी एक दुकान पर नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक दुकानों पर की गई, मगर आबकारी इंस्पेक्टर की जांच पड़ताल में किसी भी दुकान पर ओवर रेटिंग के मामले की पुष्टि नहीं हुई। जांच पड़ताल के बाद जब इस बात की खबर शराब विक्रेताओं को लगी तो मानो क्षेत्र में हड़कंप मच गया हो। इस कार्य की आबकारी अधिकारी ने भी खुद सराहना करते हुए अन्य इंस्पेक्टरों को भी अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इस तरह के कार्यों से काफी हद तक शराब विक्रेताओं पर नकेल कसी जा सकती है। शराब विक्रेताओं के कार्यों में सुधार लाने के लिए बीच-बीच में खुद आबकारी अधिकारी और उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल जिले का निरीक्षण करते रहते है।
शुक्रवार रात को सेक्टर-4 आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा अपने क्षेत्र में शराब तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में सड़कों पर चेकिंग कर रहे थे। चेकिंग के दौरान अपने क्षेत्र की लाइसेंसी दुकानों के लिए पहले सिपाहियों से दुकानों पर गुप्त टेस्ट परचेजिंग कराई। इसके बाद खुद जैकेट पहन कर और मुहं पर मास्क लगाकर दर्जनों दुकानों पर चेकिंग के लिए सरकारी गाड़ी को कई किलोमीटर दूर खड़ी कर ऑटो से विजयनगर और खोड़ा क्षेत्र की कई दुकानों पर ग्राहक बनकर शराब खरीदने के लिए पहुंचे। दर्जनों दुकानों पर चेकिंग के बाद किसी भी दुकान पर ओवर रेटिंग की शिकायत देखने को नहीं मिली। आबकारी निरीक्षक के औचक निरीक्षण और गुप्त टेस्ट परचेजिंग की खबर जब विक्रेताओं को लगी तो क्षेत्रीय लाइसेंसी दुकानों पर मौजूद विक्रेताओं में हड़कंप सा मच गया।
विक्रेताओं के कार्यों को देख कर उन्होंने विक्रेताओं को इसी तरह नियमानुसार शराब बेचने की हिदायत दी। साथ ही चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में शराब विक्रेता का रोजगार करना है तो इसी तरह नियमानुसार करना होगा, अगर शराब पर अंकित मूल्यों से एक रुपये की अधिक वसूली पाई गई तो जेल तो जाओंगे ही साथ ही बेरोजगार भी कर दिए जाओंगे। इसके बाद यूपी में किसी भी दुकान पर शराब विक्रेता का कार्य नहीं कर सकोंगे। इसलिए दुकानों पर आने वाले ग्राहकों से विनम्र व्यवहार करते हुए शराब पर अंकित मूल्य ही लिया जाए। अगर कोई अन्य समस्या है तो कभी भी फोन कर सकते है। बेवजह अगर कोई आपको परेशान करता है तो इसकी विभाग में शिकायत करें, आपकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। लेकिन शराब पर ओवर रेटिंग बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।

जिला आबकारी अधिकारी
वहीं जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम का कहना है कि जिले में अवैध शराब के धंधे पर कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग की टीमें दिन रात कार्रवाई कर रही है। साथ ही ओवर रेटिंग को रोकने के लिए भी लगातार दुकानों का निरीक्षण और गुप्त टेस्ट परचेजिंग कराई जा रही है। इसके अलावा सभी आबकारी निरीक्षकों को भी निर्देश दिए गए है कि खुद भी अपनी पहचान छिपाकर बीच बीच में लाइसेंसी दुकानों पर गुप्त टेस्ट परचेजिंग करते रहे। इस तरह के कार्यों से विक्रेताओं के कार्यों में सुधार भी देखने को मिलेगा। क्योंकि कार्रवाई से ज्यादा शराब विक्रेताओं में आबकारी विभाग का डर होना बेहद जरुरी है। यही डर शराब पर ओवर रेटिंग को रोकने में कारगर साबित होगा। इसके अलावा टीम द्वारा बिना लाइसेंस के शराब पिलाने वाले बार, रेस्टोरेंट व होटल की चेकिंग की जा रही है। शराब विक्रेता और बार संचालकों को सख्त रूप से चेतावनी देते हुए कहा अगर कोई भी नियम के विरुद्ध कार्य करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाहरी राज्यों की शराब तस्करी को रोकने के लिए दिल्ली बॉर्डर एवं राजमार्ग एवं राष्ट्रीय मार्ग में चेकिंग का दायरा बढ़ा दिया गया है। अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


















