-कांवड़ मार्ग की निगरानी से लेकर जनशिकायतों के समाधान तक हर मोर्चे पर एक्टिव
-डीसीपी सिटी बने प्रशासनिक कुशलता और जनसेवा के प्रतीक, कांवड़ यात्रा और जनसुनवाई में दिखाई नेतृत्व की सशक्त छवि
-संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भाव से लैस कार्यशैली ने दिल जीता
-डीसीपी सिटी बने प्रशासनिक कुशलता और जनसेवा के प्रतीक, कांवड़ यात्रा और जनसुनवाई में दिखाई नेतृत्व की सशक्त छवि
-संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भाव से लैस कार्यशैली ने दिल जीता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन मास की आस्था, भारी भीड़ और सुरक्षा की चुनौती के बीच गाजियाबाद में पुलिस प्रशासन जिस सतर्कता और कुशलता से मोर्चा संभाले हुए है, उसका नेतृत्व कर रहे हैं नगर क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी सिटी) धवल जायसवाल, जिनकी कार्यशैली इस समय पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। जनसुनवाई हो या कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन की निगरानी डीसीपी धवल जायसवाल ने अपने जमीनी नेतृत्व, मानवीय दृष्टिकोण और निर्णयात्मक दक्षता से यह साबित कर दिया है कि एक ईमानदार और सजग अफसर व्यवस्था में कितनी बड़ी सकारात्मक ऊर्जा भर सकता है। डीसीपी सिटी ने सोमवार को मेरठ तिराहा स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने कांवड़ मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग खुद की और मौके पर मौजूद अधिकारियों को सुरक्षा, सुगमता और अनुशासन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
गाजियाबाद। सावन मास की आस्था, भारी भीड़ और सुरक्षा की चुनौती के बीच गाजियाबाद में पुलिस प्रशासन जिस सतर्कता और कुशलता से मोर्चा संभाले हुए है, उसका नेतृत्व कर रहे हैं नगर क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी सिटी) धवल जायसवाल, जिनकी कार्यशैली इस समय पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। जनसुनवाई हो या कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन की निगरानी डीसीपी धवल जायसवाल ने अपने जमीनी नेतृत्व, मानवीय दृष्टिकोण और निर्णयात्मक दक्षता से यह साबित कर दिया है कि एक ईमानदार और सजग अफसर व्यवस्था में कितनी बड़ी सकारात्मक ऊर्जा भर सकता है। डीसीपी सिटी ने सोमवार को मेरठ तिराहा स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने कांवड़ मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग खुद की और मौके पर मौजूद अधिकारियों को सुरक्षा, सुगमता और अनुशासन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
दिल्ली-मेरठ रोड और मधुबन बापूधाम क्षेत्र में कांवड़ लेन पर ट्रैफिक नियंत्रण की स्थिति का भी जायजा लिया गया। श्री जायसवाल ने इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, महिला सुरक्षा, एंबुलेंस की पहुंच और भीड़ नियंत्रण को लेकर तैयारियों की गहन समीक्षा की और कहा कि श्रद्धा के इस उत्सव को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनकी कार्यशैली की विशेषता यह है कि वे सिर्फ आदेशात्मक अधिकारी नहीं हैं, बल्कि सक्रिय फील्ड कमांडर की भूमिका निभाते हैं। जनशिकायतों के समाधान के लिए भी वे अपने कार्यालय में रोज शिकायतकर्ताओं से संवाद करते हैं, उनकी समस्याएं ध्यान से सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते हैं।
डीसीपी सिटी की इस सक्रियता और सहज उपलब्धता ने गाजियाबाद पुलिस और जनता के बीच भरोसे की एक नई संचार रेखा खींच दी है, जहां लोगों को लगता है कि उनकी बात सुनी जा रही है, और उसका समाधान हो रहा है। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की व्यवस्था में धवल जायसवाल जैसे अधिकारी न केवल अनुशासन और नेतृत्व के स्तंभ हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए प्रशासन को सेवा और संवाद का माध्यम बना रहे हैं। सावन में जब पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा है, डीसीपी सिटी का यह समर्पण, सतर्कता और संवेदनशीलता गाजियाबाद को एक सुरक्षित और अनुशासित धार्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उनकी मेहनत और सोच आने वाले समय में गाजियाबाद की प्रशासनिक पहचान को और सशक्त बनाएगी।
कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है और हमारी जिम्मेदारी है कि हर श्रद्धालु इस यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से पूरा कर सके। हमने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है और लगातार फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही, जो भी नागरिक अपनी शिकायत लेकर आ रहे हैं, उन्हें गंभीरता से सुना जा रहा है और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। पुलिस का काम सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़कर विश्वास पैदा करना भी है और हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं।
धवल जायसवाल,
पुलिस उपायुक्त नगर, गाजियाबाद
धवल जायसवाल,
पुलिस उपायुक्त नगर, गाजियाबाद


















