गाजियाबाद शहर को मिलेगी भव्य पहचान, नगर निगम ने शुरू की ब्यूटीफिकेशन की ऐतिहासिक योजना

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में शुरू हुआ सौंदर्यकरण अभियान, गाजियाबाद को बनाया जाएगा उत्तर प्रदेश का गौरव द्वार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के प्रवेश द्वार गाजियाबाद को अब भव्य स्वरूप देने की कवायद तेज हो चुकी है। नगर निगम द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य न केवल शहर को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाना है, बल्कि उसे एक सांस्कृतिक और सौंदर्यपूर्ण प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना भी है। इस महाअभियान की अगुवाई नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक कर रहे हैं, जिनके नेतृत्व में निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों के ब्यूटीफिकेशन की वृहद योजना बनाई है। हाल ही में नगर निगम की संपत्ति विभाग टीम और अनुभवी वास्तुकारों ने मिलकर शहर के प्रमुख स्थानों यूपी गेट, आनंद विहार बॉर्डर, डायमंड फ्लाईओवर, तिगरी गोलचक्कर, क्रॉसिंग रिपब्लिक समेत कई अन्य क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इन सभी स्थलों पर हरियाली, पेंटिंग, भित्ति चित्र, लाइटिंग और कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से शहर को नया और आकर्षक स्वरूप देने की योजना है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गाजियाबाद केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का पहचान द्वार है। हम चाहते हैं कि यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति इस शहर की गरिमा और सुंदरता से प्रभावित हो। ब्यूटीफिकेशन योजना केवल शहर की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार शहर के आंतरिक हिस्सों तक भी किया जा रहा है। नगर निगम की योजना है कि सभी मुख्य मार्गों, चौराहों, सरकारी भवनों, फ्लाईओवरों और सार्वजनिक स्थलों को भी सौंदर्यपूर्ण बनाया जाए। इसके लिए हरियाली बढ़ाने, सड़क किनारे कलाकृतियां लगाने और दीवारों पर राज्य की सांस्कृतिक झलक दिखाने वाले चित्रों की योजना पर काम किया जा रहा है। नगर निगम का लक्ष्य है कि अगले एक माह के भीतर चिन्हित स्थानों पर कार्य आरंभ कर दिया जाए। कार्य के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, पर्यावरण विभाग और पीडब्ल्यूडी की समन्वय टीम भी सक्रिय रूप से भाग लेगी।

वास्तुकारों की विशेष टीम तैयार
शहर के सौंदर्यकरण के लिए नगर निगम ने देशभर से प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञों और फ्लोरीकल्चर डिजाइनर्स की टीम गठित की है। यह टीम शहर की जलवायु, स्थान विशेष की विशेषता, यातायात दबाव और ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए सौंदर्यकरण की रूपरेखा तैयार कर रही है। इस टीम में रश्मि अग्रवाल, अर्चना प्रमोद और बबीता अग्रवाल जैसे अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं।

ग्रीन जोन और जैविक सुंदरता पर रहेगा विशेष फोकस
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ब्यूटीफिकेशन योजना के तहत केवल दिखावटी सजावट नहीं की जाएगी, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत फूलों के गमले, हर्बल प्लांट्स, वर्टिकल गार्डन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और कंपोस्टिंग यूनिट्स जैसे प्रयोग भी किए जाएंगे।

प्रमुख एंट्री पॉइंट्स को बनाया जाएगा ‘स्मार्ट गेटवे’
यूपी गेट, दिल्ली बॉर्डर, मेरठ तिराहा, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन और मोदीनगर चौराहे जैसे प्रवेश द्वारों को डिजिटल डिस्प्ले, कलात्मक गेट, एलईडी लाइटिंग और वाटर फाउंटेन से सुसज्जित किया जाएगा। इन स्थानों पर ‘वेलकम टू उत्तर प्रदेश’ जैसे संदेशों के साथ गाजियाबाद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक छवि को प्रदर्शित किया जाएगा।

स्थानीय संस्कृति की झलक भी होगी शामिल
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें स्थानीय कलाकारों, चित्रकारों और मूर्तिकारों को भी जोड़ा जाएगा। शहर की दीवारों पर हिंडन नदी, मोदीनगर शुगर मिल, साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया और कवियों की विरासत जैसी गाथाएं चित्रित की जाएंगी, जिससे यह अभियान एक जन-आंदोलन का रूप ले सके।

नगर आयुक्त का संदेश
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस अभियान को ‘शहर की आत्मा को सजाने और संवारे’ की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि गाजियाबाद अब केवल दिल्ली से सटे एक उपनगर या एनसीआर का हिस्सा भर नहीं रह जाएगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक प्रगति का एक भव्य प्रतीक बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह महज़ दीवारों पर रंग भरने या सड़कों को चमकाने की कवायद नहीं है, बल्कि यह उस नई पहचान के पुनर्निर्माण का संकल्प है जो गाजियाबाद को देशभर में एक विशिष्ट स्थान दिलाएगी एक ऐसा शहर, जो अपने नागरिकों को गर्व दे, पर्यटकों को आकर्षित करे और पूरे प्रदेश की आत्मीय भव्यता को साकार करे।