यीडा अब किसानों के लिए सिर्फ भूमि अधिग्रहण करने वाली एजेंसी नहीं रह गई है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने वाली संस्था बनकर उभर रही है। प्राधिकरण ने गुरुवार को किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए अच्छेजा बुज़ुर्ग गांव के 331 किसानों को आबादी के भूखंड आवंटित किए। यह आवंटन सीईओ राकेश कुमार सिंह की किसान हितैषी सोच और प्राथमिकता का ही परिणाम है, जिनकी पहल पर यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई।
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) अब किसानों के लिए सिर्फ भूमि अधिग्रहण करने वाली एजेंसी नहीं रह गई है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने वाली संस्था बनकर उभर रही है। प्राधिकरण ने गुरुवार को किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए अच्छेजा बुज़ुर्ग गांव के 331 किसानों को आबादी के भूखंड आवंटित किए। यह आवंटन सीईओ राकेश कुमार सिंह की किसान हितैषी सोच और प्राथमिकता का ही परिणाम है, जिनकी पहल पर यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई। किसानों की जमीन लेने के बदले यीडा उन्हें 7 प्रतिशत आबादी के भूखंड देने की योजना चला रहा है। यह सिर्फ एक मुआवजा भर नहीं बल्कि किसानों को उनके मेहनत की असली कीमत लौटाने का प्रयास है। ड्रा प्रक्रिया के बाद जब किसानों के नाम घोषित हुए तो उनके चेहरों पर राहत और संतोष की झलक साफ देखी गई। कई बुज़ुर्ग किसानों की आंखों में खुशी के आंसू तक आ गए।
गुरुवार को ड्रा प्रक्रिया ओएसडी शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि प्राधिकरण पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किसानों को आबादी के भूखंड उपलब्ध करा रहा है। ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और निष्पक्ष रही है। हमारी प्राथमिकता यही है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपने अधिकार प्राप्त करें। आवंटन की पूरी सूची प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है ताकि किसी भी स्तर पर संदेह की गुंजाइश न रहे। प्राधिकरण ने आवंटन की पूरी सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है, ताकि हर कोई सीधे विवरण देख सके। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि अब इन भूखंडों पर शीघ्र ही विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ लीज प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। इससे किसान न सिर्फ मालिकाना हक पाएंगे बल्कि उनके भूखंडों की कीमत भी भविष्य में कई गुना बढ़ेगी।
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर अजय कुमार शर्मा, डिप्टी कलेक्टर कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, जीएम परियोजना राजेंद्र भाटी, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह समेत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने किसानों के मन में विश्वास और मज़बूत किया। गांव के बुजुर्ग किसानों ने कहा कि पहली बार लग रहा है कि प्राधिकरण ने हमारे दर्द को समझा। अब हमें भी लगता है कि हमारी जमीन के बदले सही न्याय मिला है। आज हमें ऐसा लग रहा है कि हमारा भविष्य सुरक्षित हो गया। अब हम अपने बच्चों के लिए कुछ स्थायी बना पाएंगे।

सीईओ, यमुना प्राधिकरण (यीडा)
यमुना प्राधिकरण किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें आबादी के भूखंड देकर उनके भविष्य को सुरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि किसी भी किसान को उपेक्षित महसूस न हो। हम पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवंटन कर रहे हैं और जल्द ही भूखंडों पर विकास कार्य कराकर किसानों को लीज भी प्रदान कर दी जाएगी।
राकेश कुमार सिंह
सीईओ, यमुना प्राधिकरण (यीडा)

















