-साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए किया गया सम्मानित
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद स्थित भागीरथ कैंपस में चल रहे दो दिवसीय 32वां अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन का आज समापन हो गया। सम्मलेन में पूर्व रक्षा वैज्ञानिक श्री कुसुमाकार सुकुल सहित 35 विद्वानों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन के दूसरे दिन भारतीय साहित्य-संस्कृति से युवा पीढ़ी का जुड़ाव विषय पर आयोजित संगोष्ठी में अनेक विद्वानों ने अपने विचार/आलेख प्रस्तुत किए। समापन सत्र में छ: पुस्तकों का मंच से लोकार्पण भी किया गया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री कलराज मिश्र एवं पूर्व सांसद एवं कुलाधिपति डॉ. अनिल अग्रवाल ने भागीरथ सेवा संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष पूर्व रक्षा वैज्ञानिक श्री कुसुमाकार सुकुल को पिताश्री हनुमान दत्त स्मृति शीर्षक सम्मान से सम्मानित किया। श्री कुसुमाकर सुकुल को यह सम्मान साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि श्री कुसुमाकर सुकुल ने जनवरी 1960 में डीआरडीओ में डिफेंस साइंटिस्ट के तौर तैनाती के दौरान देश के राष्ट्रपति रहे महान रक्षा वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के साथ कई प्रोजेक्ट पर काम किया, कई रिसर्च की और कई किताबें भी लिखी। उन्हें रशियन लैंग्वेज में विशेषज्ञता हासिल होने के चलते रशियन डिप्लोमेसी में उनकी निपुणता का भी लाभ देश को मिला। सन 1965 की इंडिया-पाकिस्तान जंग में एयर फोर्स को दिए गए विशेष टेक्निकल स्पोर्ट के लिए श्री कुसुमाकार सुकुल को समर सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।
अपनी प्रोफेशनल लाइफ में सफलता के नए आयाम स्थापित करते हुए उन्होंने देश सेवा के लिए धर्म पत्नी श्री मती कमला सुकुल के साथ मिलकर भागीरथ सेवा संस्थान की नींव रखी। आज भागीरथ सेवा संस्थान पब्लिक स्कूल, लॉ कॉलेज, स्पेशल स्कूल, नशा मुक्ति केंद्र, वृद्ध आश्रम, दिव्यांग जन के लिए डे केयर सेंटर, कौशल विकास केंद्र आदि का संचालन कर रहा है। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण, जरूरतमंदों के पुनर्वास, सड़क सुरक्षा और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी कार्य कर रहा है।

















