खतरनाक कट्टरपंथियों की सूची में आया नाम
नई दिल्ली। अमेरिकी वेबसाइट ने दुनियाभर के 20 खतरनाक कट्टरपंथियों की सूची जारी की है। इस सूची में मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद का नाम भी सम्मिलित किया गया है। इससे पूर्व प्रधानमंत्री महातिर तिलमिला उठे हैं। इसके बाद उन्होंने ट्वीट कर सफाई दी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सूची में शामिल न करने पर सवाल उठाए हैं। अमेरिकी वेबसाइट द काउंटर एक्स्ट्रेमिजम प्रोजेक्ट की इस सूची पर विवाद उत्पन्न हो गया है। दुनियाभर के 20 खतरनाक कट्टरपंथियों की इस सूची में मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को 14वें नंबर पर रखा गया है। इन कट्टरपंथियों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री महातिर इस सूची को खारिज कर कई ट्वीट किए हैं। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मुझे अमेरिकी वेबसाइट ने दुनिया के 20 सबसे खतरनाक कट्टरपंथियों में शामिल किया है। वेबसाइट ने मुझे पश्चिम, एलजीबीटी और यहूदियों की आलोचना करने वाला विवादित शख्सियत करार दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री महातिर ने कहा है कि यह सभी बातें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्लाम पर रुख के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर कही गई हैं। मैक्रों का मानना है कि इस्लाम आतंकवाद को प्रोत्साहित करता है, जोकि पूरी तरह गलत है। इस्लाम में साफ तौर पर किसी की हत्या करने की मनाही है। चाहे मुस्लिम हो अथवा गैर-मुस्लिम, हर हत्या मानवता की हत्या मानी गई है। यदि कोई मुस्लिम किसी की हत्या करता है तो यह इस्लाम की सीख के कारण नहीं है। महातिर ने सफाई दी कि उन्होंने इस्लाम को लेकर जो कुछ भी कहा, उसे वेबसाइट ने आधे-अधूरे तौर पर और तोड़-मरोड़ कर ऐसे पेश किया कि मैं आतंकवाद की वकालत करता हूं। मैंने साफ तौर पर कहा था कि मुस्लिमों में बदले की भावना नहीं होती है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सूची में शामिल न करने पर सवाल उठाए हैं।
















