हरनंदीपुरम योजना में अवैध खनन कर, जीडीए ओएसडी ने पकड़ा ट्रक  

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बहुप्रतीक्षित हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना को लेकर जहां एक ओर प्रशासनिक स्तर पर बड़े स्तर पर तैयारियां जारी हैं, वहीं दूसरी ओर जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। योजना के पूरी तरह विकसित होने में अभी वक्त है, लेकिन खनन माफिया पहले ही सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार को जब जीडीए के वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण पर पहुंचे, तो मौके पर अवैध मिट्टी खनन धड़ल्ले से चलता मिला, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हरनंदीपुरम योजना का विकास पहले चरण में 501 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित है। इसके लिए कुल 8 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण होना है, जिसमें से अभी तक करीब 1.39 हेक्टेयर भूमि का बैनामा हो चुका है। जीडीए का दावा है कि दिसंबर 2025 तक पूरी 501 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर लिया जाएगा।

गुरुवार को जीडीए ओएसडी एवं भू-अर्जन प्रभारी राजीव रतन सिंह, तहसीलदार विवेक मिश्रा और खनन अधिकारी के साथ योजना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर देखा गया कि क्षेत्र में भारी मात्रा में मिट्टी की खुदाई हो रही थी, जिसे ट्रकों में भरकर ले जाया जा रहा था। टीम ने मौके से एक ट्रक को मिट्टी समेत पकड़ा, जिसे तत्काल सीज कर दिया गया और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। गौरतलब है कि इस पूरी योजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष प्राथमिकता में शामिल किया गया है। 26 जून को मुख्यमंत्री के गाजियाबाद आगमन के दौरान जीडीए को निर्देश दिए गए थे कि दिसंबर तक सभी किसानों से जमीन खरीद का कार्य पूरा कर लिया जाए।

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स स्वयं योजना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और इसे गाजियाबाद की भविष्य की स्मार्ट टाउनशिप के रूप में विकसित करने की योजना है। हरनंदीपुरम योजना केवल आवासीय विकास तक सीमित नहीं है। यहां बनने वाली टाउनशिप में मेट्रो और नमो भारत ट्रेन कनेक्टिविटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स, वृहत हरित क्षेत्र, पार्क, और आधुनिक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की योजना है।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का कहना है कि  हरनंदीपुरम योजना को राजधानी सरीखी आधुनिकता के साथ तैयार किया जा रहा है। यहां रहने वालों को न दिल्ली दूर लगेगी, न ही सुविधाओं की कोई कमी महसूस होगी। परंतु किसी भी सूरत में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।