क्रॉसिंग रिपब्लिक की सैम रेजीडेंसी में व्याप्त समस्याओं का निस्तारण करेगा जीडीए

-जीडीए सचिव ने सुनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की समस्या

गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक सैम रेजीडेंसी में व्याप्त समस्याओं को अब जीडीए निस्तारण करेगा। रविवार को अवकाश के दिन जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने सैम रेजीडेंसी पहुंचकर वहां की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का सुना। ऐसा पहली बार देखने में आया कि जीडीए अधिकारी अवकाश के दिन भी अब ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में पहुंचकर वहां की समस्याओं से अवगत हो रहे है। जीडीए सचिव ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का सुना। रेजीडेंसी के बेसमेंट में लगे ट्रांसफार्मर को भी देखा। सोसायटी का मुख्य निकास क्रॉसिंग से बाहर की ओर होने और गेट की समस्या बताई गई। जीडीए सचिव ने इसका भी निरीक्षण किया। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जो भी सोसायटी से संबंधित समस्याएं है, उन्हें लिखित में देने को कहा गया।बैठक में निर्णय लिया गया कि जीडीए अधिकारियों के साथ सैम रेजीडेंसी की आरडब्ल्यूए,सीआईपीएल की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि और सैम रेजीडेंसी बिल्डर या उनके प्रतिनिधि बैठक करें। इन सभी समस्याओं का एक-एक करके निस्तारण किया जाएगा।

जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सात इंटीग्रेटेड ग्रुप हाउसिंग सोसायटी है। क्रॉसिंग रिपब्लिक में सीआईपीएल में अंसल, आदित्य वर्ल्ड, यूटिलिटी, जयपुरिया, समग, सौर्यापुरम का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा जीडीए सचिव ने एनएच-9 स्थित आदित्य वर्ल्ड सिटी क्षेत्र का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। आदित्य वर्ल्ड सिटी का मुख्य मार्ग 45 मीटर रोड अंदर जा रही है। इसके विपरीत पिछले दो माह में अवैध रूप से कई कॉमर्शियल निर्माण हो गए। इनकी वजह से रोड पर आने वाले दिनों में जाम लगेगा। उन्होंने जीडीए प्रवर्तन जोन-5 की प्रभारी एवं अभियंताओं को निर्देश दिए कि तत्काल इस पर कार्रवाई करें।

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने इसका संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि इस अवैध निर्माण में अगर किसी इंजीनियर,सुपरवाइजर की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाए। अवैध रूप से किए गए निर्माण को तत्काल ध्वस्त किया जाए। इस अवैध निर्माण में प्रथम दृष्टया क्षेत्र के सहायक अभियंता,अवर अभियंता व सुपरवाइजर की संलिप्तता प्रतीत हो रही है। इनके निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी।