-सिटी फॉरेस्ट बनेगा इंटरनेशनल इको-डेस्टिनेशन, गाजियाबाद को मिलेगा ‘ग्रीन टूरिज्म हब’
-जीडीए की 180 एकड़ में नई पहल: ओपन थिएटर, लेजर शो, ध्यान स्थल, नेचर ट्रेल और पक्षी विहार से सजेगा शहर का सबसे बड़ा सिटी फॉरेस्ट पार्क
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अब गाजियाबाद वासियों को सुकून और सैर-सपाटे के लिए दिल्ली या अन्य राज्यों का रुख करने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि शहर के बीचों-बीच बसा सिटी फॉरेस्ट अब पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में विकसित होने जा रहा है। क्योंकि शहर के लिए यह खबर किसी तोहफे से कम नहीं गाजियाबाद अब सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि जल्द ही देश के गिने-चुने इको-फ्रेंडली टूरिज्म स्थलों की सूची में शामिल होने जा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अगुवाई में सिटी फॉरेस्ट को एक विश्वस्तरीय ग्रीन डेस्टिनेशन में बदलने की दिशा में निर्णायक कदम उठा लिए गए हैं। शुक्रवार को जीडीए सभागार में आयोजित बैठक में एक निजी एजेंसी ने सिटी फॉरेस्ट के संपूर्ण कायाकल्प का विस्तृत प्रजेंटेशन दिया, जिसे अधिकारियों की ओर से सहमति भी मिल गई है।
यह परियोजना न केवल गाजियाबाद की तस्वीर बदलने वाली है, बल्कि यह एनसीआर क्षेत्र के लिए भी पर्यावरणीय और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक नया अध्याय लिखेगी। 180 एकड़ में फैला यह हरित क्षेत्र अब केवल टहलने या बोटिंग का स्थान नहीं रह जाएगा, बल्कि यह जीवनशैली, स्वास्थ्य, संस्कृति और शिक्षा का अनूठा केंद्र बनकर उभरेगा। बैठक में फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, सहायक अभियंता रूद्रेश शुक्ला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह योजना 180 एकड़ में फैले विशाल हरित क्षेत्र को वर्ल्ड क्लास लैंडस्केप में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
सिटी फॉरेस्ट में प्रस्तावित सुविधाएं:
नेचर ट्रेल और पक्षी विहार:
जहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए प्राकृतिक आश्रय स्थल होंगे, जिससे बच्चों और प्रकृति प्रेमियों को जैव विविधता को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
ध्यान एवं योग क्षेत्र:
शहर की तेज रफ्तार जिंदगी से दूर, सुकून देने वाला स्थल, जहाँ नागरिक मानसिक और शारीरिक शांति पा सकेंगे।
ओपन एयर थिएटर और लेजर शो:
संस्कृति और मनोरंजन का संगम, जहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक फिल्में, विद्यालयीय आयोजन और लाइव शो आयोजित किए जा सकेंगे।
झूले, बोटिंग, साइक्लिंग ट्रैक और फूड कोर्ट:
परिवारों के लिए परिपूर्ण मनोरंजन स्थल, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी वर्गों के लिए सुविधाएं होंगी।
सस्टेनेबल लैंडस्केपिंग और हरियाली का विस्तार:
प्राकृतिक रोशनी, विदेशी वनस्पतियों और जल संरक्षण तकनीकों से युक्त ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी।
पर्यावरणीय प्रभाव और सामाजिक लाभ:
• यह परियोजना वायु प्रदूषण में कमी लाएगी, जिससे सांस संबंधी बीमारियों में राहत मिलेगी।
• नागरिकों को मुफ्त और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिलेगा, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाएगा।
• नए रोजगार अवसर पैदा होंगे—गाइड, सुरक्षा, सफाई, बागवानी, इवेंट प्लानिंग आदि क्षेत्रों में।
• स्कूली बच्चों के लिए “ग्रीन एजुकेशन जोन” विकसित किया जाएगा, जिससे वे प्रकृति के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझ सकें।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का विजन
हम केवल एक पार्क नहीं, गाजियाबाद की हरियाली की पहचान बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि यह सिटी फॉरेस्ट आने वाले समय में उत्तर भारत का सबसे सुंदर और इंटरएक्टिव ग्रीन स्पेस बने। यहाँ की सुविधाएं और वातावरण हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींचेगा। हमारा उद्देश्य केवल एक मनोरंजन स्थल विकसित करना नहीं, बल्कि गाजियाबाद को एक हराभरा, स्वस्थ और समृद्ध शहर बनाना है। सिटी फॉरेस्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें हरियाली, जैव विविधता, योग, ध्यान, ओपन थिएटर और आधुनिक सुविधाओं का समावेश होगा। यह परियोजना न केवल पर्यावरण को बढ़ावा देगी, बल्कि शहरवासियों के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का केन्द्र भी बनेगी। हम चाहते हैं कि आने वाले वर्षों में सिटी फॉरेस्ट न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे एनसीआर का आकर्षण केंद्र बने। सिटी फॉरेस्ट को भविष्य में “इको टूरिज्म” का केंद्र बनाया जाएगा, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक आकर प्राकृतिक सौंदर्य, भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के मेल का अनुभव कर सकेंगे।

















