समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराएं, ताकि हर पात्र को योजना का लाभ मिले: अभिनव गोपाल

-गाजियाबाद में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक
-वेंडर्स को निर्देश- समस्याएं लिखित में दें, मीटर रीडर्स के सहयोग से लाभार्थियों तक पहुंचे योजना

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई और आने वाली बाधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सीडीओ अभिनव गोपल ने बैठक में उपस्थित सभी वेंडर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि सोलर पावर प्लांट की स्थापना में आने वाली समस्याओं को, चाहे वे विद्युत विभाग, बैंक अथवा यूपीनेडा से संबंधित हों, लिखित में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान वरिष्ठ परियोजना अधिकारी और उनकी टीम द्वारा समय से कराया जाएगा, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंच सके और निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान तीनों जोन की सोलर नेट मीटर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि जोन-1 में 123 मीटर इंडेंट किए गए हैं, जिनमें से 115 मीटर लग चुके हैं। जोन-2 में 396 में से 381 और जोन-3 में 119 में से 116 मीटर लग चुके हैं। इन आंकड़ों के आधार पर क्रमश: 93.5 प्रतिशत, 96.21 प्रतिशत और 97.48 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। साथ ही, तीनों जोनों में हजारों नए कनेक्शनों की भी जानकारी दी गई। सीडीओ ने यह भी कहा कि मीटर रीडर्स के माध्यम से योजना के प्रचार-प्रसार को तेज किया जाए। प्रत्येक जोन में घर-घर जाकर लाभार्थियों को प्रेरित करने का कार्य किया जाएगा।

जून के पहले सप्ताह से मीटर रीडर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आम जनता को सोलर प्लांट लगाने के लिए जागरूक कर सकें। विद्युत विभाग ने इस दिशा में सहयोग देने की सहमति जताई है। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय कायम किया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे। सीडीओ अभिनव गोपल ने सभी उपस्थित अधिकारियों को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया और भरोसा जताया कि यह योजना गाजियाबाद में ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगी।