गाजियाबाद शहर को जाम से मिलेगी राहत, व्यवस्थित होंगे बाजार- टाउन वेंडिंग कमेटी ने बनाई कार्ययोजना

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
-यातायात पुलिस की संस्तुति के बाद होगा अंतिम चयन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को टाउन वेंडिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में लंबे समय से लंबित वेंडिंग जोन से जुड़े प्रस्तावों का निस्तारण करते हुए व्यवस्थित बाजार व्यवस्था विकसित करना रहा। बैठक में शहर के विभिन्न जोनों में रेहड़ी-पटरी व्यापारियों के लिए निर्धारित वेंडिंग जोन, यातायात व्यवस्था सुधार तथा बाजार संचालन को सुचारु बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर हित को सर्वोपरि रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से बाजारों का विकास किया जाएगा। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि साप्ताहिक एवं दैनिक बाजारों के लिए वेंडिंग जोन का अंतिम चयन यातायात पुलिस विभाग की संस्तुति के बाद ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना यातायात व्यवस्था का अध्ययन किए किसी भी स्थान को बाजार के रूप में विकसित नहीं किया जाएगा, ताकि नागरिकों को जाम और अव्यवस्था की समस्या का सामना न करना पड़े।

इसके लिए टाउन वेंडिंग कमेटी, संबंधित जोनल अधिकारियों एवं यातायात पुलिस को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वसुंधरा जोन एवं सिटी जोन से जुड़े लंबित प्रस्तावों को प्राथमिकता से लिया गया। कमेटी सदस्यों ने बताया कि कई स्थानों पर वेंडिंग जोन की पहचान हो चुकी है, लेकिन यातायात व्यवस्था के दृष्टिकोण से अंतिम निर्णय लंबित था। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि विजयनगर एवं सिटी जोन में प्रस्तावित स्थलों का पुन: निरीक्षण किया जाए, ताकि बाजार संचालन से यातायात प्रभावित न हो। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

नगर निगम द्वारा उठाया गया यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने, व्यापारियों को सुरक्षित आजीविका उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाजारों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल बनाया जाए। बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, विभिन्न जोनों के प्रभारी अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस, डूडा, पीडब्ल्यूडी, श्रम विभाग एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नगर निगम की यह पहल आने वाले समय में गाजियाबाद शहर को जाम-मुक्त, व्यवस्थित और व्यापार के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

व्यापारियों को मिलेगा व्यवस्थित स्थान, नागरिकों को सुविधा
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि शहर में अनियोजित ढंग से लगने वाले बाजारों के कारण यातायात जाम, अव्यवस्था और नागरिक असुविधा की स्थिति उत्पन्न होती है। प्रस्तावित योजना के तहत रेहड़ी-पटरी व्यापारियों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से अपना व्यापार कर सकेंगे। इस पहल से जहां एक ओर व्यापारियों को स्थायी पहचान मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता को साफ-सुथरे और सुव्यवस्थित बाजार उपलब्ध होंगे। प्रशासन का लक्ष्य शहर में स्मार्ट एवं नियंत्रित बाजार प्रणाली विकसित करना है।

कियोस्क व्यवस्था और बाजार प्रबंधन पर भी बनी रणनीति
बैठक में वसुंधरा जोन में पूर्व में स्थापित कियोस्क से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर कियोस्क संचालन से संबंधित समस्याएं सामने आई थीं, जिनके समाधान के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कमेटी सदस्यों ने सुझाव दिया कि बाजार क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से खड़े होने वाले वाहनों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही पार्किंग व्यवस्था मजबूत कर यातायात को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।

संयुक्त निरीक्षण के बाद होगा अंतिम निर्णय
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पुलिस एवं यातायात विभाग की टीम चयनित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगामी बैठक में सभी जोनों में साप्ताहिक एवं दैनिक बाजारों की स्थापना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।