-एसीपी उपासना पांडेय के नेतृत्व में नंदग्राम थाना क्षेत्र में छात्राओं को दी गई आत्मरक्षा की सीख
-सुरक्षा से समझौता नहीं, महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता: उपासना पांडेय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अंतर्गत गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम चला रही है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर सिटी जोन थाना नंदग्राम के तत्वावधान में गुरुवार को डी.पी.एस. राजनगर स्कूल, गाजियाबाद में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) नंदग्राम उपासना पांडेय ने की। कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम, पिंक बूथ स्टाफ तथा एंटी रोमियो स्क्वॉड की महिला पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षा, आत्मरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में छात्राओं और महिला स्टाफ को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने छात्राओं को यह भी बताया कि किसी भी आपात स्थिति या असुरक्षा की भावना होने पर वे तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 181 या 1930 पर संपर्क करें।
एसीपी उपासना पांडेय ने छात्राओं से खुलकर संवाद किया और उन्हें साहसपूर्वक अपनी बात रखने और असमानता या अपराध के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा दी। मिशन शक्ति टीम की ओर से छात्राओं को पंपलेट वितरित किए गए, जिनमें महिला सुरक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई थीं। उपस्थित छात्राओं ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि अब वे अधिक आत्मविश्वास महसूस करती हैं। कार्यक्रम में वामा सारथी पुलिस एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश की सचिव प्राची चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अपने अधिकारों और अवसरों की जानकारी दी।
श्रीमती चौधरी ने कहा कि महिला तभी सशक्त कहलाएगी जब वह अपनी बात दृढ़ता से रखे और किसी भी गलत परिस्थिति में चुप न रहे। कार्यक्रम के उपरांत एसीपी उपासना पांडेय ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करना है। हमारी कोशिश है कि हर बेटी, हर महिला खुद को सुरक्षित महसूस करे और जान सके कि पुलिस हमेशा उसके साथ है। हम चाहते हैं कि महिलाएँ न केवल अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें, बल्कि दूसरों को भी जागरूक करें। हमारी टीम स्कूलों, कॉलेजों और समाज के हर स्तर पर जाकर संवाद स्थापित कर रही है ताकि किसी भी प्रकार का उत्पीडऩ या असुरक्षा का भाव खत्म हो सके।
उन्होंने कहा कि नंदग्राम सर्किल क्षेत्र में मिशन शक्ति टीम लगातार जन-जागरूकता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य समाज में महिला सम्मान की संस्कृति को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान 5.0 का उद्देश्य केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। हम चाहते हैं कि हर लड़की, हर महिला अपने अधिकारों को जाने, अपनी आवाज़ बुलंद करे और किसी भी अन्याय के खिलाफ बिना डर के आगे आए। पुलिस हमेशा महिलाओं के साथ है- चाहे वह स्कूल की छात्रा हो, कार्यस्थल की कर्मचारी या गृहिणी। हमारी टीम का लक्ष्य है कि महिलाएँ अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहें और किसी भी असुविधा या खतरे की स्थिति में तुरंत 112, 1090, 181 या 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। आज की छात्राएँ कल का भविष्य हैं, और यदि वे आत्मरक्षा के गुर जानती हैं तो समाज स्वत: सशक्त बनता है। हम न केवल सुरक्षा का भरोसा दे रहे हैं, बल्कि महिलाओं को मानसिक, सामाजिक और आत्मिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।
मिशन शक्ति 5.0: बदलाव की दिशा में कदम
मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत पुलिस विभाग का यह प्रयास महिलाओं को न केवल सुरक्षा की गारंटी दे रहा है, बल्कि उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त भी बना रहा है। एसीपी उपासना पांडेय की सक्रिय कार्यशैली और जनसंपर्क आधारित दृष्टिकोण ने अभियान को नई ऊँचाइयों दी हैं। उनके नेतृत्व में पुलिस केवल कानून व्यवस्था का पालन कराने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत कर रही है। यही कारण है कि नंदग्राम क्षेत्र में महिलाओं के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनी है। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएँ, मिशन शक्ति टीम की सदस्याएँ तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने पुलिस टीम का आभार जताया और सशक्त महिला- सुरक्षित समाज का संदेश दिया।

















