- सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को नंदिनी पार्क गौशाला में सुरक्षित पहुंचाया जा रहा
- खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों पर कड़ी कार्रवाई, तीन महीनों में ढाई लाख रुपये का जुर्माना वसूला
- गौशाला में ठंड से बचाव के लिए तिरपाल, अलाव और पौष्टिक चारा की व्यवस्था
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ती ठंड को देखते हुए गाजियाबाद नगर निगम ने निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और देखभाल को लेकर अपना अभियान और तेज कर दिया है। नगर निगम द्वारा शहर के सभी पांचों जोनों में रोस्टर के अनुसार विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों को नंदिनी पार्क स्थित गौशाला में सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा रहा है। निगम का यह प्रयास न केवल गोवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि शहर में यातायात और आमजन की सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, ऐसे कई पशुपालक सामने आ रहे हैं जो दिन में अपने गोवंशों को सड़कों पर छोड़ देते हैं और शाम को वापस घर ले जाते हैं। इस लापरवाही के चलते सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, साथ ही गोवंशों के जीवन पर भी संकट बना रहता है। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने ऐसे पशुपालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। बीते तीन महीनों में ही खुले में गोवंश छोडऩे वाले पशुपालकों से लगभग ढाई लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पालतू गोवंशों को सड़कों पर छोडऩे के मामलों में करीब 12 लाख 74 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि निगम इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरत रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा संचालित नंदिनी पार्क गौशाला में वर्तमान में 1800 से अधिक गोवंशों की देखभाल की जा रही है। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए गौशाला में विशेष इंतजाम किए गए हैं। गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था, अलाव की सुविधा और पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों को अभियान के तहत सुरक्षित रूप से गौशाला में लाया जा रहा है, ताकि उन्हें ठंड और दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ चलाया जाए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों को गौशाला तक पहुंचाना निगम की प्राथमिकता है, लेकिन इसके साथ ही पशुपालकों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। नगर आयुक्त ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने गोवंशों को सड़कों पर खुला न छोड़ें। यदि किसी पशुपालक द्वारा गोवंश को खुले में छोड़ा जाता है और अभियान के दौरान उसे गौशाला ले जाया जाता है, तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि शहर के उन प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां सड़कों पर गोवंश छोड़े जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर निराश्रित गोवंशों को नंदिनी पार्क गौशाला पहुंचाया जा रहा है। निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि शहर को गोवंश मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके। गाजियाबाद नगर निगम का यह अभियान गोवंश संरक्षण, जन सुरक्षा और शहर की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निगम का साफ संदेश है कि गोवंशों की अनदेखी और नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी
नगर निगम गाजियाबाद।
हमारे अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि गोवंशों की सुरक्षा और उनकी भलाई सुनिश्चित करना भी है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सड़कों पर छोड़े गए पालतू गोवंशों से लगभग 12 लाख 74 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि निगम किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरत रहा है। हम निरंतर निगरानी कर रहे हैं और हर पशुपालक को याद दिला रहे हैं कि अपने गोवंशों को सड़क पर छोडऩा न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि उनके जीवन के लिए भी खतरनाक है। हमारा संदेश स्पष्ट है-गोवंशों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
डॉ. अनुज कुमार सिंह
उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी
नगर निगम गाजियाबाद।
















