बम्हेटा गांव को गाजियाबाद नगर निगम दिलाएगा धार्मिक पहचान

– 300 साल पुराने बरगद के पेड़ का होगा संरक्षण, धार्मिक स्थल के रूप में होगा विकास

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम शहर के पुराने धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेज रहा है। इसकी शुरूआत बम्हेटा गांव से की जा रही है। गांव में स्थित सैकड़ों साल पुराने बरगद के पेड़ के साथ-साथ वहां स्थित प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। नगर निगम की योजना है कि प्राचीन मंदिर को इस तरह से विकसित किया जाये जिससे कि बम्हेटा गांव गाजियाबाद के धार्मिक पर्यटन प्वाइंट के रूप में स्थापित हो सके। तालाब की सफाई कराई जाएगी और इस तरह से सौदर्यीकरण कराया जाएगा जिससे कि लोग यहां आकर सकून महसूस कर सकें।
मेयर आशा शर्मा और म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने मंगलवार को नगर निगम के वार्ड 42 स्थित बम्हेटा गांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वह गांव के मध्य स्थित तालाब पर पहुंचे। तालाब की दयनीय स्थिति देखकर उसकी साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। इसी स्थल पर 300 वर्ष पुराना बरगद का वृक्ष एवं प्राचीन मंदिर भी स्थित है। प्रचीन समय में हिंदू सभ्यता में तालाब के किनारे धार्मिक मान्यता वाले पेड़ और मंदिर होते थे। उसी प्राचीन समय के दृश्य को बम्हेटा में फिर से जीवांत किया जाएगा। इस स्थल को एक चौपाल की तरह विकसित किया जाएगा। नगर निगम के इस प्रयास से बम्हेटा गांव को एक पहचान मिलेगी। शहर में लोग इस तरह के दृष्य की परिकल्पना नहीं करते हैं। ऐसे में यह स्थल आने वाले समय में लोगों के आकर्षण का भी केंद्र बनेगा। निरीक्षण के दौरान मेयर आशा शर्मा ने कहा कि नगर निगम का जोर शहर की कॉलोनियों के साथ-साथ नगर निगम की सीमाक्षेत्र में आने वाले गांवों में भी तेजी से विकास कार्य कराने की है और उस पर तेजी से अमल लाया जा रहा है। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह सबसे पहले तालाब की सफाई करें। उसके बाद 300 साल पुराने बरगद के पेड़ को बचाये आौर मंदिर सहित संपूर्ण स्थल का सौंदर्यीकरण कराये। नगर निगम एव गांव के लोगों के पास पूर्वजों के समय के वृक्ष का अस्तित्व बनाए रखने का मौका है। निरीक्षण के समय चीफ इंजीनिय मोइनुद्दीन, जेई योगेश कुमार एवं पार्षद वेदपाल सहित निगम के अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे।

एसटीपी का किया निरीक्षण
बम्हेटा गांव के निरीक्षण के बाद म्युनिसिपल कमिश्नर ने इंदिरापुरम स्थित सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया और वहां का जायजा लिया। उन्होंने एसटीपी के संचालन के समय और क्षमता को लेकर सवाल पूछा। गाजियाबाद के म्युनिसिपल कमिश्नर का चार्ज लेने के बाद से महेंद्र सिंह तंवर का सबसे अधिक जोर शहर की सफाई और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने पर है।

बाबू निलंबित
म्युनिसिपल कमिश्नर ने एक लिपिक को निलंबित कर दिया है। लिपिक पर पूर्व में प्रमोशन को लेकर कागजों में हेराफेरी करने के आरोप लगे थे। इस कारण डीपीसी की लिस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था और बाद में लिस्ट कैंसिल कर दी गई। इस मामले में तत्कालीन म्युनिसिपल कमिश्नर से शिकायत हुई थी। शिकायत की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।