डिजिटल ठगों पर गाजियाबाद पुलिस का वार, एसीपी प्रियाश्री पाल ने बढ़ाया साइबर सुरक्षा का कवच

  • वेवसिटी थाना क्षेत्र में हुआ विशेष कार्यक्रम, छात्रों को दिए गए ऑनलाइन सुरक्षा के गुर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद के कुशल निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम व नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत मंगलवार को थाना वेवसिटी क्षेत्र के रॉयल कॉलेज ऑफ लॉ के ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त वेवसिटी प्रियाश्री पाल ने किया। उनके साथ थाना प्रभारी वेवसिटी व पुलिस टीम भी मौजूद रही। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन विजय अग्रवाल, प्रिंसिपल डॉक्टर टीना गर्ग, प्रोफेसरगण, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। उपस्थित लोगों को आधुनिक साइबर अपराधों की पहचान करने के तरीके, संभावित खतरों से बचाव और साइबर सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।

एसीपी प्रियाश्री पाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। हमें सतर्क रहकर अपनी छोटी-छोटी लापरवाहियों को रोकना होगा। व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें। गाजियाबाद पुलिस सदैव नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को यह भी जानकारी दी कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी या अन्य संदिग्ध गतिविधि घटित हो, तो तत्काल 1930 पर कॉल करें अथवा  www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

उन्होंने यह भी कहा कि साइबर अपराधियों से मुकाबला केवल पुलिस के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता की जागरूकता से ही संभव है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और पुलिस अधिकारियों ने उनके सभी प्रश्नों का समाधान किया। विद्यार्थियों को यह सीख दी गई कि डिजिटल माध्यम का उपयोग करते समय सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। गाजियाबाद पुलिस का यह अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। नागरिकों तक सीधे पहुंचकर पुलिस जहां जागरूकता का संदेश दे रही है, वहीं इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों में डिजिटल सुरक्षा को लेकर नई सोच और सजगता का संचार हो रहा है।