गाजियाबाद में किशोरी को मौत के मुंह से बचाया, सीएफओ राहुल पाल की टीम बनी नायक

-मुख्य अग्निशमन अधिकारी की नेतृत्व क्षमता ने दिखाया साहस का परिचय
-टीम ने धैर्य और सूझबूझ से किशोरी को सुरक्षित घर तक पहुंचाया
-स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
-किशोरी की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया हर कदम
-फायर सर्विस की बहादुरी और प्रशिक्षण का मिला उदाहरण, नागरिकों में बढ़ा भरोसा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वैशाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खोड़ा कॉलोनी में मंगलवार की सुबह लाल मंदिर के पास एक चौथी मंजिल की छत पर चढ़ी 16 वर्षीय किशोरी के कूदने की सूचना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय निवासियों ने आनन-फानन में 112 कंट्रोल रूम को जानकारी दी। सूचना के तुरंत बाद फायर सर्विस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके पर अपने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारने में कामयाब रही। जानकारी के अनुसार, सुबह 04 बजकर 09 मिनट पर कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि किशोरी चौथी मंजिल पर बनी पानी की टंकी पर बैठी है और किसी के पास आने पर पत्थर मारने और कूदने की कोशिश कर रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने फायरमैन विनय यादव, आयुष्मान और विकास की टीम तुरंत घटनास्थल पर भेजी। टीम ने पास के मकानों की छत के रास्ते से किशोरी तक पहुंच बनाई। किशोरी की मानसिक स्थिति को समझते हुए टीम ने धीरे-धीरे उसे शांत करने का प्रयास किया।

लगातार समझाइश, धैर्य और मशक्कत के बाद टीम ने किशोरी रिमझिम, पुत्री श्री राजेश्वर सिंह, उम्र लगभग 16 वर्ष, को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा। इसके बाद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने इस ऑपरेशन की सफलता के लिए अपनी टीम की सराहना की और कहा ऐसे मामले उच्च जोखिम वाले होते हैं। फायरमैनों की तत्परता, सूझबूझ और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया ही जीवन बचाने में निर्णायक साबित होती है। हमारी प्राथमिकता हमेशा नागरिकों की सुरक्षा और तत्काल राहत प्रदान करना है। स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रही और किशोरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग दिया। फायर सर्विस टीम ने घटनास्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए और किशोरी को संभालने के साथ-साथ इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को टालने में भूमिका निभाई।

फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि किशोरी की मानसिक स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे परिजनों और मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। टीम ने पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा और सहानुभूति दोनों का ध्यान रखा, जिससे घटना बिना किसी चोट या नुकसान के समाप्त हुई। इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर दिखा दिया कि गाजियाबाद फायर सर्विस न केवल आग और प्राकृतिक आपदाओं में बल्कि ऐसे मानव सुरक्षा मामलों में भी तत्पर और प्रभावी है। स्थानीय लोग और परिजन टीम की बहादुरी और फायर सर्विस के कार्यशैली की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। सीएफओ राहुल पाल ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे उच्च जोखिम वाले मामलों में टीम पूरी तत्परता, प्रशिक्षण और सावधानी के साथ प्रतिक्रिया करेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसी परिस्थितियों में फौरन 112 कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि समय पर राहत और बचाव सुनिश्चित किया जा सके।