-ग्रेटर नोएडा मॉडल पर किसानों को मिलेगा मुआवजा, 80 गांवों से शुरू होगी बातचीत
-चार चरणों में बसाया जाएगा न्यू नोएडा, 2041 तक 20 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र होगा विकसित
-ईस्टर्न पेरिफेरल-जीटी रोड के गांव पहले फोकस में, अस्थायी कार्यालय और नायब तहसीलदार तैनात
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। सीईओ का पदभार संभालते ही कृष्णा करुणेश बड़े फैसले ले रहे हैं। अब न्यू नोएडा के विकास को लेकर काम शुरू कर दिया है। न्यू नोएडा को विकसित करने के लिए करीब 80 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए किसानों को मुआवजा दिया जाएगा, जिसकी दर यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की तर्ज पर तय की जा सकती है। इसके अलावा प्राधिकरण अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, किसानों के साथ 11 महीने का एग्रीमेंट टू सेल किया जा सकता है। इसके तहत किसान पहले प्राधिकरण को जमीन बेचने के लिए सहमति देगा। यदि तय अवधि में प्राधिकरण जमीन नहीं लेता है, तो किसान थर्ड पार्टी को जमीन बेच सकता है। हालांकि इस मॉडल पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। न्यू नोएडा के लिए तीन नायब तहसीलदारों की नियुक्ति को शासन की मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही जल्द ही न्यू नोएडा के लिए एक अस्थायी कार्यालय भी बनाया जाएगा।
न्यू नोएडा को 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसाया जाना है, जिसकी अधिसूचना अक्टूबर 2024 में जारी की गई थी। चार चरणों में विकसित होगा न्यू नोएडान्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। वर्ष 2023 से 2027 तक 3165 हेक्टेयर, 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर, 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर और 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के आसपास के गांवों-जैसे जोखाबाद और सांवली से सबसे पहले बातचीत की जाएगी। इन्हीं गांवों में डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) का अस्थायी कार्यालय बनाए जाने की संभावना है।
















