महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ गाजियाबाद, फ्लाईओवर के पिलरों पर सजे 12 ज्योतिर्लिंग

-नगर निगम की कलात्मक पहल से दूधेश्वरनाथ मार्ग बना आस्था पथ
-चार धाम और शिवालयों की जीवंत पेंटिंग ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
-नगर आयुक्त के निर्देशन में शहरभर में सौंदर्यीकरण अभियान तेज

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर गाजियाबाद नगर निगम की अनूठी पहल ने पूरे शहर को शिवमय कर दिया है। प्राचीन दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर को जाने वाले मार्ग पर 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की आकर्षक पेंटिंग ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है। मार्ग से गुजरते ही ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरा रास्ता शिवभक्ति में डूब गया हो। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशानुसार ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के पिलरों पर 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों और चार शिव धाम की भव्य चित्रकला उकेरी गई है। इन पेंटिंग्स को इस प्रकार बनाया गया है कि वे जीवंत और मनमोहक प्रतीत होती हैं। फ्लाईओवर के नीचे से गुजरते समय श्रद्धालु रुककर इन चित्रों को निहारते नजर आ रहे हैं। चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के साथ-साथ 12 ज्योतिर्लिंगों को भी पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया गया है। इनमें सोमनाथ मंदिर, मल्लिकार्जुन मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर, केदारनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, भीमाशंकर मंदिर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, घृष्णेश्वर मंदिर, वैद्यनाथ मंदिर, रामेश्वरम मंदिर और नागेश्वर मंदिर को अद्भुत रूप में दर्शाया गया है।

पेंटिंग्स में भगवान शंकर की आकर्षक छवियां भी उकेरी गई हैं, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मार्ग से निकलने वाले लोग इन चित्रों की सराहना कर रहे हैं और नगर निगम के प्रयासों की प्रशंसा कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस पहल से न केवल धार्मिक माहौल सुदृढ़ हुआ है, बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ी है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह पहल केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण अभियान का भी हिस्सा है। महाशिवरात्रि से पूर्व की गई इस सजावट ने दूधेश्वरनाथ मंदिर मार्ग को एक विशेष पहचान दे दी है।

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी आकर्षक और विषय आधारित पेंटिंग का कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में शहर के कई अन्य मार्गों को भी इसी तरह सजाया जाएगा, ताकि गाजियाबाद की पहचान एक सांस्कृतिक और स्वच्छ शहर के रूप में स्थापित हो सके। महाशिवरात्रि के अवसर पर इस कलात्मक पहल ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया है। शिवभक्ति और कला के संगम ने गाजियाबाद को सच मायनों में शिवमय बना दिया है।