-नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ तेज, युवाओं को जागरूक कर सुरक्षित समाज की पहल
-आईएमएस कॉलेज में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दिया जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश
-नशा छोड़ो, कलम उठाओ- युवाओं से सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नशा मुक्त और अवैध हथियार मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत मंगलवार को लालकुआं स्थित आईएमएस कॉलेज में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों, अवैध हथियारों के खतरे और समाज में उनकी सकारात्मक भूमिका के प्रति जागरूक किया। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं ट्रैफिक राज करन नैय्यर, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य, थाना प्रभारी निरीक्षक अनुराग शर्मा तथा कविनगर थाना पुलिस टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनका सही मार्गदर्शन ही सुरक्षित भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और करियर तीनों को बर्बाद कर देता है।
युवाओं को चाहिए कि वे नशे और अवैध हथियारों से दूरी बनाए रखें तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार केवल एक अभियान नहीं बल्कि अपराध और नशे के खिलाफ निर्णायक जनआंदोलन है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस लगातार मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं नशे या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के हाथों में कलम सबसे बड़ा हथियार है, जिससे समाज और देश की दिशा बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि गलत संगति और नशे की आदत जीवन को अंधकार की ओर ले जाती है, जबकि शिक्षा और अनुशासन सफलता का मार्ग खोलते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और अपराध के खिलाफ जागरूक भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के सामाजिक, मानसिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि अवैध हथियार रखना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि स्वयं के जीवन को भी खतरे में डालने जैसा है। छात्रों को प्रेरित किया गया कि वे अपने मित्रों और परिवार को भी नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक करें। पुलिस टीम द्वारा उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि कैसे छोटी लापरवाही युवाओं को अपराध की ओर धकेल सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत जनपद में लगातार अभियान चलाकर अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है और युवाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थियों ने गाजियाबाद पुलिस की इस पहल की सराहना की। पुलिस और शिक्षण संस्थानों के संयुक्त प्रयास से युवाओं में जागरूकता बढ़ाने तथा नशा और अपराध मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से गाजियाबाद को सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक शहर बनाया जा सकेगा।















