फफराना रोड पर चला जीडीए का बुलडोजर, 26 बीघा में बस रहीं तीन अवैध कॉलोनियां ध्वस्त

-उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई
-इंटरलॉकिंग सड़क, बाउंड्रीवाल और साइट ऑफिस तक जमींदोज

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को मोदीनगर क्षेत्र के फफराना रोड पर जीडीए प्रवर्तन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 26 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही और प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राधिकरण सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी आठों प्रवर्तन जोन के अधिकारियों को नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। इसी निर्देश के तहत प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने सहायक अभियंता अनिल कुमार और अवर अभियंता राजन सिंह के नेतृत्व में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।

जांच में पाया गया कि ग्राम फफराना, मोदीनगर में विभिन्न खसरा नंबरों पर बिना जीडीए की स्वीकृति के अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। रिछपाल सिंह पुत्र टीकम सिंह और रनवीर सिंह द्वारा लगभग 8000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। वहीं रविकरण पुत्र अभयराम और राजेंद्र पुत्र अभयराम द्वारा खसरा संख्या-354 में करीब 10 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में कॉलोनी काटी जा रही थी। इसके अतिरिक्त रनवीर सिंह पुत्र रतन सिंह और दिनेश चचरा द्वारा श्याम सिटी कॉलोनी के विस्तार के नाम पर लगभग 8000 वर्गमीटर भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। जीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित कॉलोनाइजरों द्वारा किसी भी प्रकार का स्वीकृत मानचित्र या वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। मौके पर स्वीकृत तलपट नक्शा भी उपलब्ध नहीं मिला।

इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलाकर इंटरलॉकिंग सड़कों, भूखंडों की बाउंड्रीवाल, साइट ऑफिस और अन्य निर्माणों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान कॉलोनाइजरों और निर्माणकर्ताओं द्वारा विरोध भी किया गया, लेकिन जीडीए पुलिस बल और प्रवर्तन टीम ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई जारी रखी। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि अवैध कॉलोनियों के कारण न केवल शहर की योजनाबद्ध विकास व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य में खरीदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

बिना स्वीकृति विकसित कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है और नागरिक कानूनी समस्याओं में फंस जाते हैं। इसलिए ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले जीडीए से उसकी वैधता अवश्य जांच लें। बिना स्वीकृति की कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें। जीडीए का कहना है कि शहर को नियोजित और व्यवस्थित बनाने के लिए अवैध कॉलोनियों पर सख्ती आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।