-सिर्फ एक विभाग नहीं, सभी एजेंसियों को मिलकर निभानी होगी जिम्मेदारी, तभी धूल और प्रदूषण से मिलेगी राहत: डीएम
-सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए निगम लगातार चला रहा अभियान, अब सभी विभाग मिलकर करेंगे मिशन मोड में काम: नगर आयुक्त
-नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जीडीए, यूपीसीडा और आवास विकास परिषद मिलकर चलाएंगे संयुक्त महा अभियान
-वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए रोड स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और ग्रीनरी बढ़ाने पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वायु प्रदूषण और सड़कों पर बढ़ती धूल की समस्या से निपटने के लिए अब गाजियाबाद में बड़े स्तर पर संयुक्त महा अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, यूपीसीडा और आवास विकास परिषद मिलकर शहर की सड़कों को धूल मुक्त और गड्ढा मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाएंगे। प्रमुख सचिव नगर विकास अनुभाग उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस अभियान की रूपरेखा तय की गई। बैठक में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि केवल एक विभाग के प्रयासों से शहर को प्रदूषण मुक्त नहीं बनाया जा सकता, बल्कि सभी विभागों को साझा जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद की प्रमुख एंट्री पॉइंट्स और मुख्य सड़कें तेजी से विकसित हो रही हैं, ऐसे में जिन मार्गों का रखरखाव नगर निगम के अलावा आवास विकास परिषद, लोक निर्माण विभाग या अन्य एजेंसियों के पास है, वहां भी समान स्तर पर कार्य होना आवश्यक है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर उन स्थानों की पहचान की जाए जहां धूल अधिक उड़ती है या सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों को पूरी तरह धूल मुक्त करने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए शासन द्वारा निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सभी विभागों को एंड-टू-एंड रोड पेविंग, हरित क्षेत्र विकसित करने, पानी के छिड़काव और रोड सफाई से संबंधित आंकड़े भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि नगर निगम पहले से ही धूल नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रहा है। नगर निगम द्वारा अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन रोड स्वीपिंग कराई जा रही है। एमआरएस मशीन और रोड स्वीपिंग मशीनों से प्रमुख सड़कों की सफाई कर धूल हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा वॉटर स्प्रिंकलर के जरिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है ताकि उडऩे वाली धूल को नियंत्रित किया जा सके। नगर आयुक्त ने दावा किया कि नगर निगम क्षेत्र की सभी सड़कें वर्तमान में गड्ढा मुक्त हैं और निगम समय-समय पर प्रमुख मार्गों पर विशेष महा अभियान भी चलाता है।
उन्होंने अन्य विभागों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इसी प्रकार विशेष अभियान चलाकर धूल नियंत्रण और सड़क सुधार का कार्य तेजी से करें। नगर निगम की ओर से हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग देने का भरोसा भी अधिकारियों को दिया गया। बैठक में वार्षिक एक्शन प्लान तैयार करने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए संयुक्त रूप से अभियान चलाने पर सहमति जताई। शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब सड़क सफाई, पानी का छिड़काव, ग्रीनरी बढ़ाने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तो आने वाले समय में गाजियाबाद की वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार संभव है। संयुक्त महा अभियान से न केवल सड़कों की स्थिति बेहतर होगी बल्कि शहरवासियों को धूल और प्रदूषण से भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
















