गाजियाबाद में सस्ते घर का सपना देखने वालों के लिए खुशखबरी, जीडीए की सख्ती से खुले पीएम आवास योजना के द्वार, 2986 मकानों के लिए आनलाइन आवेदन शुरु

उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की कार्रवाई का असर, वर्षों से प्रतीक्षित आवेदकों को मिलेगा राहत; सब्सिडी के बाद मात्र 1.98 लाख में मिलेगा अपना घर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के भवनों के निर्माण में लगातार हो रही देरी और आवंटियों को समय पर कब्जा न दिए जाने को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा अपनाई गई सख्त नीति अब धरातल पर असर दिखाने लगी है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के स्पष्ट और कठोर रुख के चलते निजी बिल्डरों पर दबाव बढ़ा है और इसी का परिणाम है कि लंबे समय से प्रतीक्षित किफायती आवास योजना को अब गति मिल गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष की सख्ती के बाद निजी विकासकर्ता मैसर्स एसजीएस कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट एसजीएस सिटी-1 और एसजीएस सिटी-2 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्माणाधीन दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 1493 और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के 1493 भवनों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे उन हजारों पात्र आवेदकों को सीधा लाभ मिलेगा, जो बीते लंबे समय से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे थे।

जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्रत्येक फ्लैट का वर्तमान निर्धारित मूल्य ?4.98 लाख है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से ?1.50 लाख और राज्य सरकार की ओर से ?1.00 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार कुल ?2.50 लाख की सब्सिडी घटने के बाद आवंटी को अपने फ्लैट के लिए मात्र ?1.98 लाख का ही भुगतान करना होगा, जिससे यह योजना आमजन के लिए बेहद किफायती बन जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना की वास्तविक लागत के आधार पर नियमानुसार कीमत में आंशिक कमी या वृद्धि संभव है।

उपाध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक चलेगी। इच्छुक और पात्र आवेदक निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं। योजना से जुड़ी पात्रता शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। नंद किशोर कलाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के भवनों के निर्माण और समयबद्ध आवंटन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी उद्देश्य से जीडीए सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो निजी विकासकर्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित समीक्षा कर रही है।

उन्होंने कहा कि अन्य बिल्डरों को भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्य और आवंटन प्रक्रिया को तय समयसीमा में पूरा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी, समयबद्ध और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि ‘सबके लिए आवासÓ का संकल्प केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से धरातल पर उतर सके।

नंद किशोर कलाल
जीडीए उपाध्यक्ष

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य समाज के कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों को सम्मानजनक, सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की पूर्ति में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निजी विकासकर्ताओं द्वारा ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के भवनों के निर्माण में अनावश्यक देरी और आवंटियों को समय पर कब्जा न देने की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। एसजीएस सिटी-1 और सिटी-2 परियोजनाओं में ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कराई गई है, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभ मिल सके। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्रति फ्लैट की लागत 4.98 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की कुल 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इसके बाद आवंटी को मात्र 1.98 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।
नंद किशोर कलाल
उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण