गोरखपुर बनेगा घरेलू उपकरण निर्माण का नया हब, समरकूल की मेगा औद्योगिक इकाई से पूर्वांचल को मिलेगी नई पहचान

-औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार, सैकड़ों युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
-चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता की दूरदर्शी सोच से विस्तार की ओर बढ़ रही समरकूल कंपनी
-उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और उद्योग अनुकूल माहौल से आकर्षित हो रहे निवेशक

उदय भूमि संवाददाता
गौरखपुर। पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समरकूल होम एप्लायंसेज लिमिटेड जल्द ही गोरखपुर में अपनी नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने जा रही है। यह इकाई गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जहां बड़े स्तर पर घरेलू उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को पूर्वांचल के औद्योगिक भविष्य के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। नई औद्योगिक इकाई में एयर कूलर, पंखे, एलईडी टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन सहित कई आधुनिक घरेलू उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर सृजित करना भी है। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। समरकूल कंपनी पहले से ही गाजियाबाद में अपनी कई निर्माण इकाइयों के माध्यम से घरेलू उपकरण निर्माण क्षेत्र में मजबूत पहचान बना चुकी है। यहां लगभग 200 से अधिक प्रकार के घरेलू उपकरणों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा है।

गाजियाबाद की सफलता के बाद कंपनी ने अपने विस्तार के लिए पूर्वांचल को चुना है, जो कंपनी की दीर्घकालिक औद्योगिक रणनीति को दर्शाता है। कंपनी के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता की मेहनत, दूरदर्शिता और उद्योग के प्रति समर्पण इस विस्तार योजना की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। सीमित संसाधनों से शुरुआत कर घरेलू उपकरण निर्माण क्षेत्र में कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में उनकी निर्णायक भूमिका रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि संजीव कुमार गुप्ता ने न केवल आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी, बल्कि भारतीय बाजार की जरूरतों को समझते हुए उत्पादन प्रणाली को लगातार विकसित किया। संजीव कुमार गुप्ता का कहना है कि उत्तर प्रदेश आज उद्योगों के लिए सबसे अनुकूल राज्यों में शामिल हो चुका है। बेहतर कानून व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रिया और निवेशकों को मिल रहे सहयोग के कारण उद्योगपति प्रदेश में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और संबंधित विभागों का सकारात्मक सहयोग औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर में प्रस्तावित इकाई केवल एक फैक्ट्री नहीं होगी, बल्कि यह क्षेत्रीय आर्थिक विकास का केंद्र बनेगी। स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, छोटे व्यापारियों और सहायक उद्योगों को भी काम मिलेगा तथा क्षेत्र में औद्योगिक संस्कृति विकसित होगी। कंपनी का लक्ष्य आधुनिक मशीनरी और पर्यावरण अनुकूल तकनीक के साथ उत्पादन शुरू करना है, जिससे गुणवत्ता और दक्षता दोनों सुनिश्चित हो सकें। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखपुर में इस तरह के बड़े निवेश से पूर्वांचल में औद्योगिक संतुलन स्थापित होगा। लंबे समय से औद्योगिक विकास के मामले में पिछड़े माने जाने वाले इस क्षेत्र को नई पहचान मिलने की संभावना है। नई इकाई से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, सर्विस सेक्टर और स्थानीय बाजारों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

समरकूल द्वारा उठाया गया यह कदम उत्तर प्रदेश को घरेलू उपकरण निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है। चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता की नेतृत्व क्षमता और उद्योग विस्तार की स्पष्ट रणनीति ने कंपनी को निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ाया है। उनकी मेहनत और दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि कंपनी अब नए क्षेत्रों में निवेश कर औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गोरखपुर में बनने वाली यह नई औद्योगिक इकाई न केवल समरकूल कंपनी के विस्तार का प्रतीक होगी, बल्कि पूर्वांचल के औद्योगिक पुनर्जागरण की शुरुआत के रूप में भी देखी जा रही है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना क्षेत्र के विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती है और उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में और मजबूत स्थान दिला सकती है।