फाइनल मतदाता सूची और आरक्षण सूची में देरी
इस बार ऑनलाइन रहेगी रिजर्वेशन की व्यवस्था
लखनऊ। कोविड-19 (कोरोना वायरस) के कारण उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव भी आगे खिसक गए हैं। नियमानुसार निर्धारित अवधि में चुनावी प्रक्रिया पूर्ण नहीं कराई जा सकेगी। फिलहाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य जारी है। दिसम्बर के अंत तक मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। अभी आरक्षण सूची भी फाइनल नहीं हो सकी है। आरक्षण सूची का सभी को बेसब्री से इंतजार है। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल 25 दिसम्बर को समाप्त हो जाएगा। इसमें कुछ दिन शेष रह गए हैं। कोरोना काल की वजह से ग्राम पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जा सके हैं। मतदाता सूची का पुनरीक्षण और आरक्षण सूची का काम अभी अधूरा है। आरक्षण सूची जारी होने के बाद यह तय हो सकेगा कि किस गांव से किस जाति के व्यक्ति चुनाव लड़ सकेंगे। आरक्षण सूची में अबकी बार किसी का दखल नहीं हो पाएगा। शासन इस बार आरक्षण की व्यवस्था ऑनलाइन करने जा रहा है। यह सूची पूर्णत: ऑनलाइन होने की उम्मीद है। 2015 में संपन्न पंचायत चुनाव में चक्रानुक्रम आरक्षण में कुल 59074 पंचायतों में से ग्राम प्रधान के कुल 20661 पद अनारक्षित थे। जबकि 9900 पद महिला के लिए, 10368 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, 5577 पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के, 7885 पद अनुसूचित जाति, 4344 पद अनुसूचित जाति महिला, 205 पद अनुसूचित जनजाति व 134 पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित किए गए थे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 21 दिसम्बर तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के वार्डों की प्रस्तावित सूची की तैयारी और उसका प्रकाशन होना है। 22 से 26 दिसम्बर के मध्य इन वार्डों के निर्धारण पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। 27 दिसम्बर से 2 जनवरी 2021 के बीच आपत्तियों का निस्तारण होगा। 3 से 6 जनवरी की अवधि में वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाना है। ग्राम व क्षेत्र पंयायत से संबंधित आपत्तियां संबंधित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में और जिला पंचायत के वार्डों के संबंध में आपत्तियां जिला पंचायत कार्यालय में अपर मुख्य अधिकारी द्वारा प्राप्त की जाएंगी।
5 साल पहले चुने गए प्रतिनिधि
उत्तर प्रदेश में 2015 में संपन्न पंचायत चुनाव में 59 हजार 162 ग्राम प्रधान, 7 लाख 42 हजार 269 ग्राम पंचायत सदस्य, 821 क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष, 75 हजार 576 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 3112
जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे।
आबादी के आधार पर ग्राम पंचायत सदस्य
-एक हजार की जनसंख्या पर-9
-1 से 2 हजार की जनसंख्या पर-11
-2 से 3 हजार की जनसंख्या पर-13
-3 हजार से ज्यादा की जनसंख्या पर-15
















