राजेंद्रनगर में अवैध निर्माण पर जीडीए ने कड़ा एक्शन लिया, बिल्डर द्वारा बनाई गई इमारत ध्वस्त

-साहिबाबाद सेक्टर-3 में अवैध निर्माण पर जीडीए प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर से कार्रवाई की
-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, भविष्य में भी ऐसे निर्माण पर होगी सख्त कार्रवाई
-अवैध निर्माण में फ्रंट सैटबैक और पार्टिशन दीवार को किया निष्प्रयोगी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने साहिबाबाद के राजेंद्रनगर सेक्टर-3 में अवैध निर्माण पर सोमवार और मंगलवार को कार्रवाई की। जीडीए प्रवर्तन टीम ने बिल्डर द्वारा बनाई गई इमारतों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के कड़े आदेशों के तहत की गई, जो अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करने के लिए लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
प्रवर्तन कार्रवाई का नेतृत्व जीडीए जोन-7 के प्रभारी आलोक रंजन ने किया। इस दौरान सहायक अभियंता प्रबुद्धराज सिंह और अवर अभियंता राजेश शर्मा के साथ जीडीए पुलिस बल भी मौजूद रहा। टीम ने बुलडोजर की मदद से दोनों अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया, जिनमें फ्रंट सैटबैक और पार्टिशन दीवार शामिल थीं। जानकारी के अनुसार, मैसर्स रिषभ डवलपर्स द्वारा पार्टनर वर्षा जैन ने भूखंड संख्या 9/104, राजेंद्रनगर सेक्टर-3 में जीडीए से स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण किया था।

वहीं, आरपीजे प्रोटेक एलएलपी ने भूखंड संख्या 8/194, राजेंद्रनगर सेक्टर-3 में गैर-स्वीकृत निर्माण किया। जीडीए ने दोनों निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण रोकने और कारण बताने का अवसर प्रदान किया था। 24 जुलाई को मैसर्स रिषभ डवलपर्स और 29 अप्रैल को आरपीजे प्रोटेक एलएलपी को नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए, लेकिन दोनों निर्माणकर्ताओं ने जीडीए कार्यालय में कोई संतोषजनक जवाब या प्रमाण नहीं प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर से निर्माण को निष्प्रयोगी कर दिया। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि शहर की योजनाओं और नियमों का पालन करना बिल्डरों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्राहकों और निवासियों की सुरक्षा और शहरी नियोजन के हितों को ध्यान में रखते हुए जीडीए ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि अवैध निर्माण को रोकना केवल नियमों की अनुपालना नहीं है, बल्कि शहर के विकास और निवासियों के सुरक्षित जीवन के लिए भी आवश्यक है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी स्पष्ट हुआ कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर में अवैध निर्माण को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और किसी भी प्रकार के गैरकानूनी निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा।