– वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पार, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप स्टेज-3 लागू
– निर्माण, उद्योग और वाहनों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी, उल्लंघन पर चालान व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित
-सभी विभागों को आदेश: प्रतिदिन एमआरएसएम, एंटी स्मॉग गन व जल छिड़काव उपकरण तैनात करें
– स्टेज-1 और स्टेज-2 के दिशा-निर्देशों का भी पालन अनिवार्य, रिपोर्ट शाम 5 बजे तक यूपीपीसीबी को प्रेषित करें
– जन स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से अधिक होने के चलते केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन समिति (सीएक्यूएम) ने ग्रेप की स्टेज-3 लागू कर दी है। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रेप स्टेज-3 के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी पर चर्चा की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि वायु प्रदूषण घटाने के लिए निर्धारित सभी उपाय समयबद्ध और प्रभावशाली ढंग से लागू किए जाएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य, फैक्ट्री संचालन, वाहनों और अन्य गतिविधियों को आवश्यकतानुसार अगले आदेश तक रोकने या अवरुद्ध करने का अधिकार प्रशासन के पास है। किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ तत्काल चालान और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने ग्रेप की स्टेज-1, स्टेज-2 और स्टेज-3 में विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इसके अनुसार सभी विभाग प्रतिदिन अधिक संख्या में एमआरएसएम (मोबाइल रियल टाइम सस्पेंशन मॉनिटरिंग मशीन), एंटी स्मॉग गन और जल छिड़काव उपकरण तैनात करेंगे। यदि किसी विभाग के पास उपकरणों की कमी होगी, तो उन्हें किराए पर लेकर संचालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक वानिकी प्रभाग, पुलिस (यातायात), उपजिलाधिकारी, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एनसीआरटीसी, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, जल निगम, यूपीएसआईडीए, यूपीएसआरटीसी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सम्भागीय परिवहन, अग्निशमन विभाग, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कृषि विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, खनन विभाग, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत और क्रेडाई सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग को अपने कार्यों में पूरी तत्परता, जवाबदेही और पारदर्शिता दिखानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण, उद्योग, वाहनों और अन्य प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की निगरानी लगातार की जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी विभाग प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजें और ग्रेप स्टेज-3 के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। यदि किसी विभाग ने आदेशों का पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रेप की स्टेज-1 और स्टेज-2 के पूर्वनिर्धारित आदेश और दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण में कोई कमी न आए और नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो। इस बैठक के माध्यम से गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सुधार, प्रदूषण घटाने और जन स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सभी विभागों को एकजुट किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग वायु प्रदूषण घटाने के लिए जल छिड़काव, धूल नियंत्रण और औद्योगिक गतिविधियों की निगरानी अभियान के रूप में करेंगे। साथ ही सभी विभागों को अपने स्टाफ और संसाधनों का पूरी क्षमता से उपयोग करते हुए नियंत्रण कार्यों में जुटने का आदेश दिया गया है। इस प्रकार, डीएम रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की कड़ी निगरानी और निर्देशों के तहत गाजियाबाद में ग्रेप स्टेज-3 का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि शहर में नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा में भी सुधार होगा।

















