जीआरपी ने लौटाई खुशियां उम्मीद छोड़ चुके थे यात्री मोबाइल पाकर बोले थैंक यू

गाजियाबाद। ट्रेनों में चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन के वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर रविवार को खुशी उस समय देखने को मिली, जब गाजियाबाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने 17 लाख के खोए व चोरी हुए मोबाइल फोनों को ढ़ूढ निकाला और यात्रियों को सौंप दिया। दूर दराज के रहने वाले अन्य यात्रियों ने एक-दो दिन में आकर मोबाइल ले जाने का जीआरपी इंस्पेक्टर से आग्रह किया। शेष मोबाइल को उनके मालिकों के पते पर उनके खर्च पर ही कोरियर के जरिए जीआरपी द्वारा भेजा जा रहा है। जिससे कि यात्रियों को मोबाइल लेने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से गाजियाबाद न आना पड़े।

जिन यात्रियों का मोबाइल खोया था, उनको जब मोबाइल वापस मिला तो कहने लगे कि हमको विश्वास ही नहीं हो रहा है कि खोया मोबाइल वापस मिल गया। रविवार को जीआरपी थाने में पुलिस अधीक्षक सुदेश कुमार गुप्ता ने जीआरपी प्रभारी अनुज मलिक, इंस्पेक्टर संदीप बालियान, दरोगा बबलू सिंह मौजूदगी में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व दिल्ली-एनसीआर आदि क्षेत्र से बरामद किए गए 17 लाख 66 हजार रुपये कीमत के 85 मोबाइलों को वापस किया गया। जनवरी से अब तक लगभग 300 फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई थी, जिनमें से 85 फोन को रिकवरकर उनके मालिकों को वापस लौटाया जा रहा है।

दरअसल, जीआरपी की टीम लगातार ऐसे फोन को मॉनिटर कर रही थी और उन्हें ट्रैकिंग पर लगाया हुआ था। एक बार उसमें कोई अन्य नंबर चलता हुआ देख उसे ट्रैक किया जाता फिर फोन चलाने वाले से बातचीत कर उसे इस पुलिस को सपोर्ट करने के लिए कहा गया या फिर स्थानीय पुलिस की मदद से उसे फोन को बरामद किया गया। जीआरपी प्रभारी अनुज मलिक ने कहा हमारी अपील है कि यदि किसी भी व्यक्ति का मोबाइल या अन्य सामान यात्रा के दौरान ट्रेन में छूट जाता है तो उसे जिस व्यक्ति को मिले, वह उसे जीआरपी थाने में जमा करा दें, जिससे कि जल्द ही यात्री को वापस सामान दिया जा सके।