गाजियाबाद में गूंजेगा ‘गुरुवाणी’, श्री दूधेश्वर नाथ मठ में 10 जुलाई को मनेगा भव्य गुरु पूर्णिमा पर्व

• देश-विदेश से आएंगे हजारों श्रद्धालु, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से लेंगे गुरु दीक्षा
• गुरुपूजन, देवी-देवताओं की विशेष आरती और सिद्ध संतो की समाधियों का पूजन करेगा आयोजन को दिव्य

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ऐतिहासिक और श्रद्धा के केंद्र श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरी भक्ति और परंपरा के साथ मनाया जाएगा। यह आयोजन न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर भारत के संत परंपरा में एक प्रतिष्ठित उत्सव के रूप में देखा जाता है। इस दिन मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु गुरु दीक्षा लेंगे। गुरु पूर्णिमा पर्व के लिए मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर को आस्था और आभा से सजाया जा रहा है।

मंदिर के मीडिया प्रभारी एस.आर. सुथार ने बताया कि सुबह 8 बजे से गुरु पूजन और मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं के साथ-साथ सिद्ध संतो की समाधियों की पूजा अर्चना की जाएगी। गुरु दीक्षा का विशेष समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसके लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर कार्यालय से संपर्क कर रहे हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने गुरु पूर्णिमा के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, धर्म और आत्मिक मार्गदर्शन का प्रतीक है। गुरु ही शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। वह जीवन की चुनौतियों से लडऩे की ताकत और सच्चा मार्ग दिखाने वाला होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा गुरु धर्म और समाज के लिए खुद को समर्पित करता है, और ज़रूरत पडऩे पर अपना जीवन भी न्योछावर कर देता है। इस पर्व को महर्षि वेदव्यास के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों का संकलन, महाभारत और अठारह पुराणों सहित श्रीमद भागवत जैसे ग्रंथों की रचना की। इसलिए इस दिन व्यास गद्दी की भी पूजा की जाती है। श्री दूधेश्वर नाथ मठ एक आध्यात्मिक ज्योति की तरह है, जहां हर वर्ष गुरु पूर्णिमा पर भक्ति की गंगा बहती है। इस बार भी श्रद्धालुओं का अपार उत्साह और आस्था का संगम मंदिर को एक भव्य आध्यात्मिक तीर्थ बना देगा।