सनसिटी टाउनशिप की पुनरीक्षित डीपीआर पर 211 आपत्तियों की सुनवाई पूरी

-जीडीए सभागार में दिनभर चली प्रक्रिया, सभी सुझावकर्ताओं को मिला अपनी बात रखने का मौका

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास क्षेत्र में मैसर्स सन सिटी हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही विशाल टाउनशिप की पुनरीक्षित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर मंगलवार को जीडीए सभागार में लंबी और गंभीर सुनवाई हुई। इस दौरान 211 आपत्तियां और सुझाव रखने वाले सभी व्यक्तियों को अपनी-अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। जीडीए के सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 2420.11 एकड़ में विकसित होने वाली इस टाउनशिप की पुनरीक्षित डीपीआर पर जनसामान्य से आपत्तियां और सुझाव मांगने की प्रक्रिया पहले से तय थी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 28 अप्रैल 2025 को हुई उच्च स्तरीय बैठक में तय हुआ था कि 5 जून से 4 जुलाई 2025 तक आम नागरिक और प्रभावित पक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसी अवधि में कुल 211 आपत्तियां और सुझाव जीडीए को प्राप्त हुए थे।

मंगलवार को हुई सुनवाई में किसानों, स्थानीय निवासियों और अन्य हितधारकों ने अपनी-अपनी आपत्तियां विस्तार से रखीं। कई किसानों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने जमीन अधिग्रहण के बाद वादा की गई मूलभूत सुविधाएं नहीं दीं और गांवों के हितों की अनदेखी की गई। गौरतलब है कि यह पूरी प्रक्रिया मुख्य सचिव के आदेश और जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनी गई और आगे की कार्रवाई के लिए अभिलेखित की गई। जीडीए अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बिल्डर और आपत्ति दर्ज कराने वालों के बीच जल्द ही एक संयुक्त बैठक आयोजित कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।