इंद्रप्रस्थ योजना में सीवर लाइन का काम रफ्तार पर, 1.50 लाख लोगों को मिलेगी स्थायी राहत

-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सख्त मॉनिटरिंग से प्रोजेक्ट अंतिम चरण में, 8 करोड़ की लागत से होगा पूरा निर्माण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा इंद्रप्रस्थ योजना में सीवर लाइन निर्माण का काम अब तेज रफ्तार से जारी है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के चलते यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस सीवर नेटवर्क के पूरा होते ही भारत सिटी सोसाइटी समेत 30 हजार से अधिक परिवारों और लगभग 1.50 लाख लोगों को सीवर जाम और ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से स्थायी निजात मिल जाएगी। इंद्रप्रस्थ योजना 66 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है और यहां लंबे समय से जल निकासी और सीवर जाम की समस्या बनी हुई थी। जीडीए ने इसे तीन चरणों में हल करने की योजना बनाई थी। पहले चरण में डीपीएस स्कूल के पास सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) का निर्माण किया गया, जिस पर 4.5 करोड़ रुपये की लागत आई। इसके बाद दूसरे चरण में जल निगम द्वारा विकसित सीवर मैनहोल संख्या-78 तक 1800 मीटर लंबी सीवर लाइन डाले जाने का कार्य शुरू किया गया, जिसकी लागत 3.50 करोड़ रुपये है।

इस चरण में एक किलोमीटर लाइन बिछाने का काम पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष हिस्सा तेजी से पूरा किया जा रहा है। तीसरे और अंतिम चरण में इंद्रप्रस्थ योजना के सभी पॉकेट्स बी, डी, ई, एच और एफ को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस चरण में भारत सिटी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी को भी जोड़ा जाएगा, ताकि पूरे क्षेत्र में एक मजबूत और स्थायी सीवर व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। हालांकि, इस कार्य में कुछ समय पहले कांवड़ यात्रा के दौरान रुकावट आ गई थी, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड से अनुमति प्राप्त करने के बाद इसे फिर से शुरू कराया गया। समीक्षा बैठक के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई थी और स्पष्ट निर्देश दिया था कि समयसीमा के भीतर कार्य हर हाल में पूरा होना चाहिए।

इसी तरह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन ने भी मौके पर निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई, जिसका सीधा असर अब मैदान में दिख रहा है। काम की रफ्तार बढ़ गई है और जीडीए की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या के कारण न केवल सड़कों पर जलभराव होता था, बल्कि गंदगी और दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता था। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ इन परेशानियों से छुटकारा मिलेगा, बल्कि स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था में भी बड़ा सुधार आएगा। इससे इंद्रप्रस्थ योजना ही नहीं, आसपास के इलाकों में भी जीवन स्तर बेहतर होगा और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।