गाजियाबाद में हाईटेक स्ट्रीट लाइट क्रांति: सीसीएमएस से रातें अब सुरक्षित और होगी रोशन

  • मोबाइल ऐप से रीयल टाइम मॉनिटरिंग, खराब लाइट पर तुरंत कार्रवाई
  • पहले चरण की सफलता, दूसरे चरण में 30 हजार लाइटों को जोडऩे की तैयारी
  • एनएचएआई ने गाजियाबाद मॉडल की सराहना की, देशभर के लिए प्रेरणा
  • नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की दूरदर्शिता और स्मार्ट सिटी मिशन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को स्मार्ट और तकनीकी रूप से विकसित बनाने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण और अभिनव कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में नगर निगम के प्रकाश विभाग ने सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) को शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में लागू कर दिया है। अब एलिवेटेड रोड और हिंडन एयर फोर्स रोड पर लगी हजारों लाइटों की निगरानी मोबाइल ऐप और इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से की जा रही है। इस नई तकनीक से न केवल प्रकाश व्यवस्था में मजबूती आई है बल्कि शहरवासियों को रात के समय बेहतर और सुरक्षित रोशनी का लाभ भी मिल रहा है। नगर निगम की टीम अब मोबाइल ऐप के माध्यम से हर स्ट्रीट लाइट पर नजर रखती है। किसी भी लाइट के खराब होने की सूचना तुरंत ऐप पर आती है, जिससे मरम्मत की कार्रवाई तुरंत शुरू हो जाती है। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े होने की वजह से पूरे शहर की लाइटों का रीयल टाइम संचालन और निगरानी संभव हो गई है। इससे शिकायतों के निस्तारण की गति कई गुना बढ़ गई है और अंधेरी सड़कों की समस्या लगभग समाप्त हो गई है।

गाजियाबाद नगर निगम की इस अभिनव पहल की नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भी सराहना की है। प्रकाश विभाग प्रभारी आश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को हुई एनएचएआई के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनएचएआई सदस्य विकास चौहान भी शामिल हुए। बैठक में नगर निगम ने मोबाइल ऐप के माध्यम से स्ट्रीट लाइट संचालन की पूरी प्रणाली की जानकारी दी। एनएचएआई के अधिकारियों ने इस व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य शहरों और विभागों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। बैठक में नगर निगम से एक्सपर्ट टीम तारूशी भी उपस्थिति रही। गाजियाबाद नगर निगम की यह तकनीकी पहल अब देशभर के अन्य नगर निकायों के लिए मिसाल बन चुकी है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर को नई पहचान मिल रही है और गाजियाबाद देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जो प्रकाश व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक से नियंत्रित कर रहे हैं। नगर निगम ने इस प्रणाली के दूसरे चरण के लिए विस्तृत योजना तैयार की है।

अगले चरण में 30 हजार से अधिक लाइटों को जोड़कर पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को स्मार्ट और समेकित बनाने का लक्ष्य है। सिस्टम के माध्यम से लाइटों की स्थिति का डेटा संग्रह और विश्लेषण भी किया जाएगा, जिससे भविष्य में और बेहतर योजना बनाई जा सके। यह तकनीक भविष्य में पूरे शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी। गाजियाबाद नगर निगम की इस पहल से स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोबाइल ऐप और सीसीएमएस के माध्यम से स्ट्रीट लाइट संचालन ने शहरवासियों के जीवन को सुरक्षित और आसान बनाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की दूरदर्शिता, प्रकाश विभाग की सक्रियता और तकनीकी टीम के प्रयासों ने गाजियाबाद को हाईटेक प्रकाश व्यवस्था के मामले में अग्रणी शहर बना दिया है। यह पहल न केवल शहरवासियों के लिए लाभकारी है बल्कि अन्य नगर निकायों और विभागों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। स्मार्ट तकनीक और नागरिक सुरक्षा के इस संगम ने गाजियाबाद को रात के समय रोशन, सुरक्षित और आधुनिक शहर का रूप दे दिया है।

पहले चरण की सफलता और अगले चरण की तैयारी
नगर निगम ने पहले चरण में 5000 से अधिक स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस ऐप से जोड़कर कामयाबी हासिल की। इसके परिणामस्वरूप अब दूसरे चरण में 30 हजार लाइटों को इस हाईटेक सिस्टम से जोडऩे की तैयारी की जा रही है। इस नए चरण के लिए अतिरिक्त पैनल स्थापित किए जाएंगे, ताकि पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नियंत्रित किया जा सके।

नगर आयुक्त की रणनीति और स्मार्ट सिटी की दिशा
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम लगातार आधुनिकरण की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीसीएमएस प्रणाली न केवल लाइट व्यवस्था को और मजबूत बना रही है, बल्कि देश के अन्य नगर निकायों और विभागों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। नगर निगम की विशेषज्ञ टीम तारूशी ने इस प्रणाली के तकनीकी और कार्यान्वयन बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।

शहरवासियों को लाभ और सुरक्षा में वृद्धि
हाईटेक तकनीक के माध्यम से लाइटों की 24 घंटे निगरानी होने से शहरवासियों को कई लाभ मिल रहे हैं। खराब लाइट की सूचना तुरंत टीम तक पहुँचने से समस्या का समाधान समय रहते हो जाता है। इस प्रणाली के कारण सड़क पर अंधेरे की स्थिति नहीं बनती, जिससे यातायात सुचारू हुआ है, दुर्घटनाओं में कमी आई है और नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है।

तकनीक और नवाचार का संपूर्ण उदाहरण
सीसीएमएस प्रणाली शहर की लाइट व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, त्वरित प्रतिक्रिया और उच्च कार्यक्षमता सुनिश्चित करती है। इसके माध्यम से नगर निगम को लाइट संचालन में आसानी होती है और कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। यह प्रणाली अन्य विभागों के लिए भी तकनीकी और प्रबंधन दृष्टि से एक मॉडल बन चुकी है।