– मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा-शिक्षा में बदलाव से बदला केरल का भविष्य
– 80% छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता लड़कियाँ, अगले वर्ष से 20′ एनआरआई बच्चों के लिए आरक्षित
– उच्च माध्यमिक से स्नातकोत्तर तक आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को सीधी सहायता
– 80% छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता लड़कियाँ, अगले वर्ष से 20′ एनआरआई बच्चों के लिए आरक्षित
– उच्च माध्यमिक से स्नातकोत्तर तक आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को सीधी सहायता
उदय भूमि संवाददाता
तिरुवनंतपुरम। डॉ. रवि पिल्लै अकादमिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत इस वर्ष 1,501 मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कुल 10 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। आगामी 50 वर्षों के लिए 525 करोड़ की राशि निर्धारित कर यह योजना देश की सबसे बड़ी निजी छात्रवृत्ति पहलों में से एक बन गई है। छात्रवृत्तियों का वितरण बुधवार शाम 4 बजे तिरुवनंतपुरम के निशागंधी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री पिनराई विजयन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहें। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि यह पहल बच्चों को प्रौद्योगिकी और नवाचार की नई दुनिया की ओर मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब पिछड़ी जातियों के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश तक नहीं मिलता था, लेकिन आज केरल के छात्र हाई-टेक कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय समाज के दूरदर्शी व्यक्तित्वों, विशेष रूप से रवि पिल्लै को दिया।
तिरुवनंतपुरम। डॉ. रवि पिल्लै अकादमिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत इस वर्ष 1,501 मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कुल 10 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। आगामी 50 वर्षों के लिए 525 करोड़ की राशि निर्धारित कर यह योजना देश की सबसे बड़ी निजी छात्रवृत्ति पहलों में से एक बन गई है। छात्रवृत्तियों का वितरण बुधवार शाम 4 बजे तिरुवनंतपुरम के निशागंधी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री पिनराई विजयन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहें। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि यह पहल बच्चों को प्रौद्योगिकी और नवाचार की नई दुनिया की ओर मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब पिछड़ी जातियों के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश तक नहीं मिलता था, लेकिन आज केरल के छात्र हाई-टेक कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय समाज के दूरदर्शी व्यक्तित्वों, विशेष रूप से रवि पिल्लै को दिया।
रवि पिल्लै ग्रुप और रवि पिल्लै फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रवि पिल्लै ने बताया कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता है कि इस वर्ष छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले 80 प्रतिशत विद्यार्थी लड़कियाँ हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष से 20 प्रतिशत छात्रवृत्तियाँ अनिवासी भारतीय (एनआरआई) बच्चों के लिए आरक्षित की जाएंगी। उन्होंने कहा छात्र किसी भी समाज का भविष्य होते हैं। यदि उनका भविष्य सुरक्षित है, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित है। यह छात्रवृत्ति माध्यमिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए है। उच्च माध्यमिक स्तर पर 1,100 छात्रों को प्रत्येक 50,000 की सहायता दी जाएगी। स्नातक स्तर पर 200 छात्रों को 1,00,000 और स्नातकोत्तर स्तर पर 200 छात्रों को 1,25,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
उच्च माध्यमिक श्रेणी के लिए केवल प्लस-वन छात्र पात्र हैं, जबकि स्नातक के प्रथम और द्वितीय वर्ष तथा नियमित योजना के अंतर्गत स्नातकोत्तर के द्वितीय वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त ग्रेस मार्क्स की व्यवस्था भी की गई है। जिन छात्रों ने अपने माता-पिता को खो दिया है, जिनके माता-पिता गंभीर रूप से बीमार हैं या जिन्होंने राज्य स्तर पर कला और खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक श्रेणी में 20 प्रतिशत छात्रवृत्तियाँ प्रवासी मलयाली बच्चों और 5 प्रतिशत दिव्यांग छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम है, वे मेधावी छात्र इस योजना के लिए पात्र हैं। इस परियोजना को डॉ. रवि पिल्लै फाउंडेशन राज्य सरकार की एजेंसी नोरका रूट्स के सहयोग से लागू कर रहा है। हजारों आवेदनों में से एक विशेष चयन समिति ने 1,501 योग्य छात्रों का चयन किया है। समारोह में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के अनेक गणमान्य व्यक्ति विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देने के लिए उपस्थित रहेंगे।

















