श्री धार्मिक रामलीला समिति में निर्विरोध बना आपसी सौहार्द का इतिहास

-ललित जायसवाल पुन: अध्यक्ष, भूपेंद्र चोपड़ा फिर बने महामंत्री, सभी 31 पदाधिकारी सर्वसम्मति से निर्वाचित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान मानी जाने वाली श्री धार्मिक रामलीला समिति (पंजीकृत), कविनगर ने अपने संगठनात्मक लोकतंत्र की एक नई मिसाल पेश की है। रविवार को कविनगर रामलीला मैदान स्थित जानकी सभागार में आयोजित साधारण सभा की बैठक में समिति के त्रिवार्षिक चुनाव वर्ष 2025-2028 के लिए निर्विरोध संपन्न हुए। इस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न चुनावों ने समिति की एकजुटता, परस्पर सहयोग और संगठनात्मक पारदर्शिता को रेखांकित किया। इस अवसर पर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सर्वजीत राम (सेवानिवृत्त पीसीएस) को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था, जिनकी देखरेख में पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। समिति के सभी दस पदों और इक्कीस कार्यकारिणी सदस्यों के पदों पर किसी भी प्रत्याशी का विरोध नहीं हुआ, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समिति के भीतर नेतृत्व को लेकर पूर्ण विश्वास और सम्मान की भावना विद्यमान है। सदस्यों ने एक स्वर में ललित जायसवाल को पुन: अध्यक्ष और भूपेंद्र चोपड़ा को पुन: महामंत्री के रूप में निर्वाचित कर समिति के नेतृत्व को फिर से मजबूती प्रदान की।

चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही समिति के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के नाम भी घोषित किए गए, जिन्होंने पूर्व की भांति संगठन की बागडोर अपने अनुभव और प्रतिबद्धता से संभालने का संकल्प लिया। साथ ही, कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में चुने गए 21 सदस्यों ने भी अपनी भूमिका को लेकर गंभीरता और सेवाभाव का परिचय दिया। सभा के प्रारंभ में समिति के संरक्षकों में बलदेव राज शर्मा, ललित मोहन मित्तल, नेम प्रकाश गोयल, विजय जिंदल और जे.डी. जैन का समिति की ओर से विशेष स्वागत किया गया। समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल और अन्य पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर संरक्षकों को सम्मानित किया और उनके निरंतर मार्गदर्शन के लिए आभार प्रकट किया। सभा में समिति के महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा ने विगत कार्यकाल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पिछले वर्षों में समिति द्वारा किए गए कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया गया।

उन्होंने दानदाताओं, स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों और समिति के समस्त सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह संस्था केवल रामलीला मंचन का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना की सशक्त धारा है। अध्यक्ष ललित जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए इस सर्वसम्मत चुनाव को समिति की आंतरिक एकता और संगठन की पारदर्शिता का प्रतीक बताया। उन्होंने समिति को आने वाले समय में और अधिक सक्रिय व जनहितकारी बनाने के लिए सभी सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, मूल्यों और आस्था की अभिव्यक्ति है, और इस परंपरा को जीवित रखना हमारा नैतिक और सामाजिक उत्तरदायित्व है।

सभा के अंत में संरक्षक बलदेव राज शर्मा ने अपने प्रेरणादायक शब्दों में समिति की सराहना करते हुए आने वाले वर्षों में इसके और अधिक प्रभावशाली एवं लोककल्याणकारी बनने की आशा व्यक्त की। गायत्री मंत्रों के सामूहिक उच्चारण के साथ बैठक का शुभारंभ और समापन हुआ, जिसने पूरे आयोजन को एक आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया और समिति की धार्मिक मर्यादा को सार्थक रूप से प्रस्तुत किया। श्री धार्मिक रामलीला समिति के इस शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और निर्विरोध चुनाव ने न केवल संगठन की परिपक्वता को दर्शाया, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसा चुनाव इस बात का प्रतीक है कि जब नेतृत्व पर विश्वास हो, और उद्देश्य स्पष्ट हों, तब लोकतंत्र की सबसे सुंदर तस्वीर सामने आती है।