अब पूर्वोत्तर के दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह

घुसपैठ और बाढ़ की समस्या का जिक्र किया

गुवाहाटी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अब पूर्वोत्तर के 2 दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। इस दरम्यान वह विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। सबसे पहले वह असम के गुवाहाटी पहुंचे हैं। इस मौके पर गृह मंत्री शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि असम में सिर्फ 2 ज्वलंत समस्याएं हैं। एक घुसपैठ और दूसरा बाढ़। इन समस्याओं को सिर्फ भाजपा की डबल इंजन की सरकार दूर कर सकती है। उन्होंने 2020 में असम में प्रस्तावित विधान सभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया है। गृह मंत्री ने असम में कोरोना नियंत्रण की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश मे कोरोना का सामना करने में असम सबसे ऊपर के राज्यों में रहा है। असम में मृत्यु दर भी .47 प्रतिशत रही। गृह मंत्री शाह ने कुछ विकास कार्यों की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि आज असम के तहत 11 विधि कॉलेजों की स्थापना की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असम ने इस देश को गोगोई साहब के रूप में सीजेआई देने का काम किया है। नरेंद्र मोदी ने 2013 के चुनाव अभियान में कहा था कि जब तक पूर्वी भारत विकसित नहीं होता, भारत का विकास संभव नहीं है। 2014 में देश की जनता ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। मोदी के जो शब्द थे, उसे उन्होंने चरितार्थ किया है। दौरे के दौरान गृह मंत्री स्थानीय जन-जातीय समूह से मुलाकात भी करेंगे। वह मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। 27 दिसंबर को वह इंफाल में पुलिस मुख्यालय के निर्माण कार्यक्रम में भाग लेंगे। शाह के इस दौरे पर कुछ बड़े मुद्दों को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि छठी अनुसूची में संशोधन, मणिपुर भूमि सुधार और राजस्व अधिनियम, उग्रवाद, मणिपुर भाजपा इकाई संगठन में बदलाव, ड्रग्स और इंडो-म्यांमार सीमा मुद्दों पर बात हो सकती है।