सिंघु बॉर्डर पर 40 संगठनों की बैठक बुलाई गई
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान पीछे नहीं हट पाए हैं। इसके चलते दिल्ली में किसानों का आंदोलन शनिवार को 31वें दिन भी जारी रहा। नाराज किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर यातायात बाधित कर हंगामा कर दिया। कुछ किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर लगा दिए, जिससे यातायात बाधित हो गया। काफी मशक्कत के बाद खुद किसान नेता राकेश टिकैत ने वहां से ट्रैक्टर हटाया। तदुपरांत यातायात सुचारू हो सका। इस बीच हरियाणा और राजस्थान से काफी संख्या में किसान दिल्ली का रूख कर रहे हैं। उधर, सिंघु बॉर्डर पर किसानों के 40 संगठन बैठक कर रहे हैं। बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार की ओर से शुक्रवार को किसानों को प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव को ध्यान में रखकर यह बैठक बुलाई गई है। किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल आदि किसानों को समझाने के लिए कई बार प्रयास कर चुके हैं, मगर बात नहीं बन पाई है। दिल्ली के सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसानों का जमावड़ा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि किसी भी सूरत में एमएसपी समाप्त नहीं होगी। किसानों को भ्रम में रखा जा रहा है। यूपीए की सरकार के मुकाबले 3 गुना एमएसपी पर मोदी सरकार ने खरीद की है। उन्होंने कहा था कि कृषि कानूनों के खिलाफ धरनारत किसानों के लिए मेरे मन में सम्मान है। एक बार कानून को लागू होने दीजिए। यदि कानून का नुकसान होगा तो मैं खुद उसमे संशोधन कराऊंगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसानों से बातचीत के लिए आने की अपील भी की थी। सरकार चाहती है कि किसान जल्द से जल्द आंदोलन का रास्ता छोड़ देें।
















