IAS अधिकारी ने जताई रिटायरमेंट की इच्छा सरकार ने किया इंकार, आया आदेश अभी करना होगा काम

यमुना प्राधिकरण के CEO डॉ. अरुणवीर सिंह ने जताई थी रिटायरमेंट की इच्छा लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार ने नहीं मानी बात। प्रदेश सरकार की मंशा है कि डॉ. सिंह की काबिलियत का भरपूर फायदा उठाया जा सके ताकि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की गति और तेज हो सके। उत्तर प्रदेश में एक नया शहर बसाने का काम डॉ. अरुणवीर सिंह कर रहे हैं। डॉ. सिंह के नेतृत्व में यमुना प्राधिकरण ना सिर्फ अपनी माली हालत को सुधारने में कामयाब रहा बल्कि इस क्षेत्र में ऐसी योजनाओं पर काम शुरू हो सका, जिन्हें लेकर कभी कल्पना तक नहीं की गई थी। देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में मूर्त रूप ले रहा है। इसका ट्रायल रन पूरा हो गया है और अप्रैल में संचालन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अप्रैल पार्क, लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। आने वाले समय में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र विकास एवं सुविधाओं की दृष्टि से मुंबई को टक्कर देता दिखाई देगा।

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यमुना प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह पर कायम है। बेहतर कार्यशैली, बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर लाने और प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की गति को बढ़ावा देने के चलते उनके कार्यकाल को फिर बढ़ा दिया गया है। वह अब 30 जून 2025 तक अपने पद पर बने रहेंगे। हालांकि वह रिटायरमेंट के इच्छुक हैं। अपनी इस इच्छा को वह कई बार जाहिर कर चुके हैं, मगर यूपी सरकार उन्हें अभी जिम्मेदारी से मुक्त करने को तैयार नहीं है। सरकार की मंशा है कि डॉ. सिंह की काबिलियत का भरपूर फायदा उठाया जा सके ताकि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की गति और तेज हो सके।

यमुना प्राधिकरण के सीईओ का दायित्व मिलने के बाद डॉ. अरुणवीर सिंह ने अपनी बेहतर कार्यशैली के जरिए विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। सिंह के नेतृत्व में यमुना प्राधिकरण ना सिर्फ अपनी माली हालत को सुधारने में कामयाब रहा बल्कि इस क्षेत्र में ऐसी योजनाओं पर काम शुरू हो सका, जिन्हें लेकर कभी कल्पना तक नहीं की गई थी। देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में मूर्त रूप ले रहा है। इसका ट्रायल रन पूरा हो गया है और अप्रैल में संचालन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अप्रैल पार्क, लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। आने वाले समय में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र विकास एवं सुविधाओं की दृष्टि से मुंबई को टक्कर देता दिखाई देगा। जेवर एयरपोर्ट योजना को धरातल पर उतारने में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह की अह्म भूमिका रही है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को शुरू कराने के लिए दिन-रात मंथन किया। वर्तमान में जेवर एयरपोर्ट देश-दुनिया में चर्चाओं के केंद्र में है। दरअसल डॉ. अरुणवीर सिंह का काम करने का तरीका जुदा है। वह किसी भी योजना पर काम शुरू करने से पहले उसके बारे में पहले पूरा मंथन कर लेते हैं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। किसी समय में जेवर क्षेत्र में जाने से भी लोग कतराते थे, मगर आज जेवर क्षेत्र देश ही नहीं दुनियाभर में लोकप्रियता बटोर रहा है। इसके लिए डॉ. अरुणवीर सिंह को श्रेय दिया जाना चाहिए।

निवेशक आने को आतुर
आईएएस डॉ. अरुणवीर सिंह ने जब यमुना प्राधिकरण में सीईओ का कार्यभार संभाला था, तब विभागीय कर्मचारियों को वेतन देने तक के लाले पड़ थे। प्राधिकरण कार्यालय में सुबह-शाम एसी तक बंद करने पड़ते थे। अधिकारी और कर्मचारियों के खर्चों में कटौती कर दी गई। मगर डॉ. अरुणवीर सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और निष्ठा से कड़ी मेहनत की। उन्होंने यमुना प्राधिकरण को कर्ज मुक्त करा दिया। प्राधिकरण अब फायदे में है। यहां निवेशक आने को आतुर हैं।

वर्क परफॉर्मेंस है पहचान
डॉ. अरुणवीर सिंह उत्तर प्रदेश लोक सेवा के प्रशासनिक अफसर थे। वर्ष 2006 में प्रोन्नत होकर वह आईएएस बने। जिस विभाग में रहे, वह उनकी अलग पहचान रही। यीडा में कई कीर्तिमान उनके नाम दर्ज हैं। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम शुरू करने के लिए सरकारी कंपनी नियाल का गठन किया गया। इस कंपनी के सीईओ का दायित्व भी डॉ. सिंह को सौंपा गया। डॉ. अरुणवीर सिंह की गिनती उन चुनिंदा अधिकारियों में होती है, जो ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। अरुणवीर सिंह 30 जून 2019 को 60 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए थे, मगर उनके काम और ईमानदारी को देखकर यूपी सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया। वह सेवा मुक्त होने की इच्छा को कई बार जाहिर कर चुके हैं। लेकिन सरकार उन्हें मुक्त नहीं करना चाहती है।