-लाइसेंसी दुकानों में ओवर रेटिंग और बिक्री की निगरानी, 24 घंटे सीसीटीवी और गुप्त टेस्ट परचेजिंग
-आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की कार्यशैली ने विभागीय हित में किए गए प्रयासों को दिया नई दिशा
उदय भूमि संवाददाता
बलिया। सर्द मौसम के बीच घाघरा नदी के किनारे और जंगलों में होने वाले अवैध शराब निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की रणनीति जिले में प्रभावी साबित हो रही है। उनका यह कदम न केवल राजस्व वृद्धि में मददगार है, बल्कि शराब माफियाओं को उनकी गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रखने और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाने में भी सहायक हो रहा है। जिले में आबकारी विभाग की टीमें हर दिन अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैदी से तैनात रहती हैं और निरंतर छापेमारी के जरिए अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर कड़ी नजर रखती हैं। आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सोमवार को आबकारी निरीक्षक विनय राय के नेतृत्व में क्षेत्र-1 (सदर) और क्षेत्र-3 (बांसडीह) की संयुक्त टीम ने मनियर थाना क्षेत्र के घाघरा नदी के तटीय इलाकों में विशेष दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान नदी के किनारे और जंगलों के बीच छिपाए गए गड्ढों से लगभग 40 लीटर कच्ची अवैध शराब बरामद की गई। साथ ही करीब 3,000 किलोग्राम लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
आबकारी विभाग ने न केवल अवैध निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि जिले की लाइसेंसी शराब दुकानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दुकानों में होने वाली ओवर रेटिंग को रोकने के लिए नियमित गुप्त टेस्ट परचेजिंग कराई जा रही है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक दुकान में पॉश मशीन के माध्यम से 100 प्रतिशत बिक्री दर्ज हो और दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू हों। विजय कुमार शुक्ला के आदेशानुसार राजमार्ग और राष्ट्रीय मार्गों पर भी 24 घंटे, तीन शिफ्टों में लगातार चेकिंग की जा रही है। यह व्यवस्था अवैध शराब और शराब की चोरी-छिपे बिक्री दोनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर रही है। जिला आबकारी अधिकारी की कार्यशैली विशेष रूप से अनुकरणीय मानी जा रही है। उन्होंने न केवल विभागीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सख्ती और नैतिकता के साथ कार्रवाई करने की प्रेरणा दी है। उनके नेतृत्व में आबकारी विभाग ने जिले में शराब माफियाओं की गतिविधियों को लगातार दबाया है और साथ ही राजस्व वृद्धि की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए हैं।
आबकारी अधिकारी की रणनीति का प्रभाव तब स्पष्ट हुआ जब घाघरा नदी के किनारे छिपाए गए कच्ची शराब के गड्ढों और लहन को नष्ट किया गया। विजय कुमार शुक्ला ने यह भी कहा कि विभाग केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नियमित निगरानी, शिकायत निवारण और सक्रिय गुप्त जांच के माध्यम से अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाएगा। उनका मानना है कि अवैध शराब पर नियंत्रण केवल कानून की कार्रवाई से नहीं, बल्कि जागरूकता और समन्वित प्रयासों से संभव है। बलिया जिले में आबकारी विभाग के प्रयासों की सराहना स्थानीय नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी भी कर रहे हैं। विभाग के समन्वित प्रयासों से न केवल शराब माफियाओं की धाक कम हुई है, बल्कि जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध कराने में भी मदद मिली है।
यह पूरी प्रक्रिया जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और सामाजिक हित सुनिश्चित करने के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की कुशल रणनीति और कर्मठ कार्यशैली ने यह साबित किया है कि अवैध शराब का जाल कितना भी बड़ा क्यों न हो, सख्त निगरानी और सतत कार्रवाई से इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। विभाग लगातार इसी तरह सक्रिय रहेगा और अवैध शराब निर्माताओं एवं वितरकों को किसी भी कीमत पर खुला नहीं छोडऩे का संकल्प लिया है।
अवैध शराब के खिलाफ निडर कार्रवाई और विभागीय अनुशासन के प्रतीक विजय कुमार शुक्ला
बलिया जिले में आबकारी विभाग के प्रभावी नेतृत्व और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाने वाले जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने अवैध शराब निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई के माध्यम से जिले में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की है। उनकी कार्यशैली में केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहना, बल्कि गुप्त निगरानी, लाइसेंसी दुकानों पर रेटिंग और बिक्री की जांच, सीसीटीवी निरीक्षण और राष्ट्रीय मार्गों पर सतत चौकसी शामिल है।

जिला आबकारी अधिकारी
बलिया।
विजय कुमार शुक्ला का कहना है कि ‘अवैध शराब का कारोबार न केवल राजस्व हानि का कारण है, बल्कि सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा करता है। इसलिए हम लगातार सक्रिय रहते हुए इसे पूरी तरह जड़ से खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं।’ उनका नेतृत्व विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है, जिससे पूरे जिले में आबकारी विभाग की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ी है। उनके प्रयासों के कारण बलिया में अवैध शराब निर्माण के अधिकांश नेटवर्क को बेअसर किया गया है और अवैध गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित हुआ है। विभागीय और प्रशासनिक विशेषज्ञ उनके कुशल रणनीति, सतत निगरानी और कानून के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना कर रहे हैं।

















