लोनी क्षेत्र में 70 बीघा में अवैध कॉलोनी ध्वस्त, जीडीए ने बुलडोजर चलाकर साईट ऑफिस और बाउंड्रीवॉल तोड़ी

-जीडीए प्रवर्तन टीम ने विवेक विहार और मिथिला नगर की दो अवैध कॉलोनियों पर की सख्त कार्रवाई
-लगभग 100 भूखंडों की बाउंड्रीवॉल, सड़कों और कॉलोनाइज़र के साईट ऑफिस को बुलडोजर से किया ध्वस्त

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम ने लोनी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 70 बीघा क्षेत्रफल में फैली दो कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के तहत बुलडोजर से कॉलोनाइज़र के साईट ऑफिस, भूखंडों की बाउंड्रीवॉल, सड़क और खंभें तोड़े गए। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के आदेश के क्रम में की गई। प्रवर्तन जोन-8 के प्रभारी अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार के नेतृत्व में सहायक अभियंता सुरजीत कुमार और अवर अभियंता रितुपाल ने जीडीए पुलिस बल और लोनी थाना पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई संपन्न की।
लोनी क्षेत्र में विवेक विहार कॉलोनी और मिथिला नगर, राधा स्वामी सत्संग भवन के सामने चिरौड़ी रोड पर विकसित की जा रही इन अवैध कॉलोनियों में लगभग 100 भूखंड शामिल थे। प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर की मदद से इन भूखंडों की बाउंड्रीवॉल, कॉलोनाइज़र के साईट ऑफिस और सड़क सहित अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

जीडीए प्रवर्तन जोन-8 के प्रभारी ने बताया कि इन दोनों कॉलोनियों को अवैध रूप से विकसित किया जा रहा था और इनमें शामिल लोगों के पास भूमि का वास्तविक स्वामित्व नहीं है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि इन दोनों कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त या भवन निर्माण न करें। प्रवर्तन टीम ने चेताया कि यदि किसी ने इन अवैध कॉलोनियों में निवेश किया या निर्माण किया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जीडीए लगातार ऐसे अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा ताकि जनपद में शासकीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में जीडीए ने लोनी और अन्य क्षेत्रों में कई अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की है, ताकि भूमि का वास्तविक स्वामित्व सुनिश्चित किया जा सके और अनधिकृत निर्माण रोके जा सकें। इस कार्रवाई से आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ रही है और कई लोग अब अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से पहले जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है और भविष्य में भी कोई शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।