गाजियाबाद। जीडीए से लीज पर आवंटित भूखंडों का अगर आप नामांतरण कराना चाहते है, तो नामांतरण की कार्रवाई के लिए स्थल की आख्या प्राप्त करानी होगी। आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग लखनऊ द्वारा 25 जुलाई 2022 के तहत जारी की गई अधिसूचना में स्थल की जांच कराए जाने का कोई उल्लेख नहीं है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने भूखंड एवं भवनों के नामांतरण के संबंध में जीडीए अधिकारियों की 5 सदस्यीय कमेटी गठित कर इस पर निर्णय लेने के लिए आदेशित किया है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर कमेटी द्वारा भूखंडों एवं भवनों के नामांतरण संबंधी मामलों में अब निर्णय लिया जाएगा।
जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण अपर सचिव द्वारा भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि नामांतरण के प्रकरणों में स्थलीय जांच की कार्रवाई प्राधिकरण द्वारा नहीं की जाती है। जीडीए उपाध्यक्ष द्वारा इस मामले में 10 अक्टूबर को नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए गए है। जीडीए के अपर सचिव ने कमेटी को निर्देशित किया कि लीज पर आवंटित भूखंडों के नामांतरण की कार्रवाई के लिए स्थल की आख्या प्राप्त की जाए।
इसके अलावा जीडीए द्वारा निर्मित एवं आवंटित भवनों और फ्री होल्ड की गई संपत्तियों के नामांतरण की कार्रवाई बिना स्थल आख्या प्राप्त की जाए। निबंधन कार्यालय से संपत्ति की रजिस्ट्री का समय से सत्यापन जीडीए के रजिस्ट्री लिपिकों द्वारा कराया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभावी होंगे। उन्होंने इस संबंध में ओएसडी, प्रवर्तन प्रभारी एवं सहायक अभियंता, रजिस्ट्री लिपिकों से रोस्टर तैयार कराकर रजिस्ट्रियों का समय से सत्यापन कराकर संबंधित लिपिकों को प्राप्त कराना सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी किया है।
















