निगम मुख्यालय में जल्द शिफ्ट होगा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर

-कंट्रोल सेंटर का संचालन करने वाली कंपनी की जांच के लिए बनाई कमेटी
-शिकायतों के निस्तारण के साथ होगी मॉनिटरिंग

गाजियाबाद। शहर वासियों की शिकायतें के निस्तारण के लिए डेढ़ साल बाद नगर निगम का कंपनी बाग स्थित लाइब्रेरी की बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर संचालित हो रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम को जल्द ही नगर निगम के मुख्यालय में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं से कंट्रोल रूम की निगरानी होगी। अभी तक कंपनी बाग में चल रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सही तरीके से संचालन नहीं हो पा रहा था। मगर अब निगम मुख्यालय में शिफ्ट होने पर कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों का निस्तारण निस्तारण होगा और सही से संचालन भी होगा। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम को संचालित किए जाने को लेकर अब तैयारी शुरू हो गई है।

म्युनिसिपल कमिश्नर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस कंट्रोल रूम को वहां से शिफ्ट कर निगम मुख्यालय बिल्डिंग में शिफ्ट करने के आदेश दिए है। ताकि नगर निगम ऑफिस से ही कंट्रोल रूम की निगरानी की जा सकें। दरअसल, नगर निगम के सिटी जोन क्षेत्र अंतर्गत कंपनी बाग स्थित लाइब्रेरी की बिल्डिंग से ही फिलहाल इस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का संचालन हो रहा है। इस सेंटर का इंफोएशिया कंपनी द्वारा संचालन किया जा रहा हैंं। इस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का पूर्व महापौर आशा शर्मा एवं तत्कालीन म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने 7 जनवरी-2022 को उद्घाटन कर इसका संचालन शुरू किया गया था। इस कंट्रोल सेंटर का मुख्य उद्देश्य शहर वासियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों को नोट कर उनका तत्काल निस्तारण करना था। मगर कंट्रोल रूम का ठीक प्रकार से संचालन नहीं हो पा रहा है।

म्युनिसिपल कमिश्नर विक्रमादित्य मलिक ने अब इस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को नगर निगम मुख्यालय की बिल्डिंग में पांचवें तल पर ही शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। म्युनिसिपल कमिश्नर का कहना है कि निगम का मुख्य ऑफिस से यह दूर है। ऐसे में इसकी मॉनिटरिंग सही प्रकार से किए जाने को लेकर इसे जल्द ही नगर निगम मुख्यालय की बिल्डिंग में शिफ्ट कराया जाएगा। इसका नगर निगम के मेन ऑफिस से ही संचालन कराया जाएगा। म्युनिसिपल कमिश्नर का कहना है कि इसके लिए नई कंपनी से कंट्रोल सेंटर का संचालन कराने की भी प्लानिंग की जा रही है। ताकि बेहतर तरीके से इस कंट्रोल सेंटर का संचालन कराकर लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निस्तारण किया जा सकें। वहीं, म्युनिसिपल कमिश्नर ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए कंट्रोल सेंटर का संचालन करने वाली कंपनी की जांच के लिए कमेटी बनाई है। इस कमेटी में आउटसोर्स कर्मचारी को शामिल किया गया है।

मगर इस पर सवाल उठने के बाद म्युनिसिपल कमिश्नर ने अब जांच कमेटी में संशोधन कर दिया है। इस जांच कमेटी में निगम में काम करने वाले आउट सोर्स कर्मचारी मुबारक हुसैन सिद्दीकी के बजाय अब जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी को शामिल किया गया है। इस जांच टीम में पहले नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, मुख्य लेखा परीक्षक विवेक सिंह के अलावा आउट सोर्स कर्मचारी मुबारक को शामिल किया गया था। महापौर सुनीता दयाल ने भी नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कंट्रोल सेंटर का संचालन करने वाली कंपनी की जांच कराने के लिए कहा था। इसके बाद नगर आयुक्त ने यह जांच कमेटी बनाई है। कमेटी अपनी जांच कर नगर आयुक्त को जल्द रिपोर्ट सौंपेगी।